हांसी। वीरवार शाम को पुरानी तहसील के समीप इंतकाल दर्ज करने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए पटवारी व ढाबा संचालक को एंटी करप्शन ब्यूरो भिवानी की टीम ने शुक्रवार को हिसार कोर्ट में पेश किया। जहां दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं बरामद की गई राशि को मालखाने में जमा करवा दिया है।
एसीबी ने हिसार में मामला दर्ज करवाया है। टीम के अनुसार पटवारी ढाबा संचालक के जरिए रिश्वत लेता था। बवानी खेड़ा निवासी श्रवण ने हांसी टू में तैनात पटवारी विशाल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। श्रवण के अनुसार वर्ष 2007 में उसके पिता संतलाल ने प्रेम नगर हांसी में 100 वर्ग गज का प्लाट माता बिमला देवी के नाम से खरीदा था।
जनवरी 2026 में उन्हें इस प्लॉट की एवज में लोन की जरूरत पडी तो उन्हें पता चला कि प्लॉट का इंतकाल अभी तक माता के नाम दर्ज नही हुआ है। प्लाॅट का इंतकाल अपनी माता के नाम करवाने के लिए विशाल पटवारी से मार्च महीने में मिला था। तब पटवारी ने महादेव ढाबा संचालक पवन से मिला। पवन ने 20 हजार रुपये की मांग की। बाद में पटवारी से 10 हजार रुपये में मामला सेटल हुआ।
वीरवार को शिकायतकर्ता ने ढाबा संचालक को पैसे दिए तो टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के इंंस्पेक्टर जगजीत ने कहा कि दोनों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।