रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल अब अनिश्चितकालीन हो गई है। रविवार को करनाल में रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी और उच्च अधिकारियों के बीच हुई वार्ता विफल हो गई।
वार्ता में सरकार ने परमिटों को रद करने का फैसला वापस लेने से मना कर दिया। जिसके चलते अब कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल की अनिश्चितकालीन घोषणा कर दी है।
वहीं रोडवेज की बसों का पहिया हड़ताल के दूसरे दिन भी जाम रहा। रविवार को एक भी रोडवेज की बस अपने गंतव्य की ओर नहीं निकली, जिसके कारण बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जाम की स्थिति से निपटती रही पुलिस
दूसरे दिन पुलिस बल ने जाम की स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था संभाली। पुलिस कर्मचारियों ने जहां प्राइवेट बसों को बस स्टैंड के मुख्य गेट के बाहर से लाइनों में लगवाया, वहीं ऑटो चालकों को भी संभाला।
इस दौरान अपनी बस को आगे निकाल रहे प्राइवेट बस के ड्राइवर के साथ पुलिस कर्मियों की झड़प भी हो गई। एक-एक करके प्राइवेट बसों में सवारियां भरकर उन्हें निकाला गया। वहीं राजस्थान और पंजाब रोडवेज की कुछ बसें आवागमन करती रही, लेकिन इन्हें भी प्राइवेट बसों की तरह बस स्टैंड के अंदर नहीं घुसने दिया गया।
प्रशासन को कोसा तो यूनियनों से लगाई गुहार
बस स्टैंड पर बस न मिलने से बेहाल हुए यात्रियों ने जहां प्रशासन और सरकार को जमकर कोसा, वहीं रोडवेज यूनियनों से गुहार लगाई। यात्रियों का कहना था कि सरकार और यूनियनों की इस लड़ाई में आम जनता पिस रही है। पहले से ही बसों का टोटा होने के कारण वे बड़ी मुश्किल से गंतव्य तक पहुंच पाते हैं।
ऐसे में अब इन बसों का आवागमन रोककर उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया गया है। छोटे-छोटे रूटों से गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों का कहना था कि लंबे-लंबे रूटों पर तो प्राइवेट बसें आसानी से मिल रही हैं, लेकिन छोटे रूटों पर जाने के लिए दो से तीन बसें बदलनी पड़ रही है।
वार्ता विफल से नारेबाजी बढ़ी
करनाल में परिवहन मंत्री आफताब अहमद और ट्रांसपोर्ट विभाग के वित्तायुक्त आरआर जोल के साथ तालमेल कमेटी की बैठक हुई। लेकिन बैठक में अधिकारियों ने कमेटी की ओर से रखी गई परमिटों को रद करने की मांग मानने से इंकार कर दिया।
अधिकारियों का कहना था कि परमिट किसी भी सूरत में रद नहीं किए जाएंगे, हालांकि डीटीओ ने जिन रूटों पर साइन किए हैं, उन पर रोक लगा दी जाएगी।
जिस पर तालमेल कमेटी ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की घोषणा कर दी। अब 11 सितंबर को कोर्ट की सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट ने परमिटों को जारी करने के आदेश दे दिए तो 3519 रूटों को हरी झंडी मिल जाएगी, वरना मामला कोर्ट में ही लटका रहेगा।
घाटा पहुंचा 30 लाख के पार
हिसार डिपो को जहां रोडवेज बसों के संचालन से 15 लाख रुपये का राजस्व मिलता है, वहीं अब दो दिनों तक हड़ताल होने के कारण राजस्व घाटा 30 लाख के पार पहुंच गया है।
ऐसे में यदि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल दस दिन तक चली तो यह घाटा एक करोड़ 50 लाख से ज्यादा हो जाएगा। साथ ही हड़ताल लंबी खींचने की दिशा में यात्रियों की परेशानियों में और इजाफा होगा।
पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन रहा तैनात
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए। सिटी थाना एसएचओ बस अड्डे के हालातों पर नजर जमाए रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस भी खड़ी की गई, जबकि अग्निशमन विभाग ने दो दिन से दमकल गाड़ी को मौके पर खड़ा किए रखा।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने भी दिया समर्थन
हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने भी रोडवेज कर्मियों के संघर्ष को जायज बताया है। संघ के जिला सचिव दलीप सोनी औरर राजेंद्र भानखड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इसलिए सरकार 3519 रूट परमिट निजी हाथों में दे रही है।
यह निर्णय न तो रोडवेज विभाग और न ही जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जबरन बसें चलाने का प्रयास किया तो रोडवेज कर्मचारियों के इस आंदोलन के समर्थन में हरियाणा कर्मचारी महासंघ खुल कर सामने आ जाएगा।
रोडवेज कर्मियों का संघर्ष जारी रहेगा : नैन
हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजपाल नैन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक रोडवेज कर्मियों का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश सरकार अपने लाभ के लिए निजीकरण कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंडीगढ़ के लिए नहीं कोई निजी बस
रोडवेज ड्यूटी इंचार्ज धर्मपाल के अनुसार हिसार से चंडीगढ़ और दिल्ली के रूट सबसे ज्यादा व्यस्त रूट रहते हैं, लेकिन चंडीगढ़ जाने के लिए प्राइवेट बसों का कोई रूट नहीं है।
जिसके कारण हिसार बस स्टैंड से कोई प्राइवेट बस चंडीगढ़ के लिए नहीं जाती है। इसके अलावा दिल्ली के लिए केवल एक कृष्णा बस सर्विस को रूट अलॉट किया हुआ है, जो दिन में पांच-छह टाइम दिल्ली-हिसार के बीच चलती है।
ये ट्रेनें बन सकती हैं विकल्प
दिल्ली के लिए सुबह पांच बजे सिरसा एक्सप्रेस
सुबह 9.27 बजे किसान एक्सप्रेस
शाम 4.25 बजे गोरखधाम एक्सप्रेस
सिरसा के लिए सुबह पांच बजे श्रीगंगानगर-रेवाड़ी पैसेंजर
सुबह 8 बजे फाजिल्का-रेवाड़ी पैसेंजर
सुबह 12.35 बजे बठिंडा-रेवाड़ी पैसेंजर
शाम 5 बजे श्रीगंगानगर-रेवाड़ी पैसेंजर
शाम 6.55 बजे किसान एक्सप्रेस।
- पंजाब साइड (लुधियाना) के लिए ट्रेनें सुबह 4.20 बजे,
सुबह 8.20 बजे, दोपहर 1.30 बजे, शाम 4 बजे