जाट आरक्षण मामले में रामायण धरनास्थल पर आयोजित काला दिवस कार्यक्रम ने महीने के आखिरी रविवार को भी प्रशासन व लोगों की नींदें उड़ा दी। रामायण धरनास्थल के समीप रेलवे फाटक टूटने व आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक पर बैठने की सूचना ने लोगों को फिर से वह पुराना मंजर याद दिलवाने पर मजबूर कर दिया, जो पिछले वर्ष जाट आरक्षण की मांग को लेकर घटा था। रेलवे ट्रैक पर जाम लगता देख एक बार तो प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। हालांकि बाद में प्रशासन व जाट समिति के नेताओं द्वारा मोर्चा संभालने पर स्थिति पर कुछ काबू पाया गया।
इंटरनेट सेवा बंद होने से बढ़ी परेशानी
हांसी में जैसे ही क्षेत्र के लोगों को रेलवे फाटक टूटने व जाम लगने की सूचना मिली तो रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से यात्री वापस ही अपने घर को लौट गए। लोगों में इस बात का भी भय बन गया कि रेलवे ट्रैक के अलावा कहीं रोड भी जाम न कर दिया जाए। वहीं इंटरनेट सेवा बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। लोग एक-दूसरे से फोन पर रामायण धरनास्थल बारे जानकारी पूछते नजर आए।
ट्रेन को बैक गियर में डाला
दोपहर करीब एक बजे रेलवे ट्रैक पर जाम की सूचना के चलते हांसी में रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड धीरे-धीरे खाली होते चले गए। रामायण धरनास्थल पर अनियंत्रित भीड़ के चलते जैसे ही लोगों को रेलवे फाटक टूटने की जानकारी मिली तो वह वापस अपने घर को लौट गए। वहीं महीने के आखिरी रविवार को बाहर घूमने का कार्यक्रम बनाने वाले लोगों ने अपने प्लान रद्द कर दिए। इसके अलावा अधिकारियों ने रेवाड़ी से हिसार आ रही ट्रेन को हांसी रेलवे स्टेशन पर ही रुकवा लिया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि हिसार से भिवानी जा रही ट्रेन को बैक गियर में डालकर सतरोड रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा। वहीं हिसार से जयपुर की ट्रेन करीब 2 घंटे लेट स्टेशन पर पहुंची। हालांकि बाद में ट्रेनों का आवागमन जरूर सुचारु हो गया।
चंडीगढ़, दिल्ली, रोहतक व पानीपत बस सेवाएं की बंद
इसके अलावा हांसी में बस स्टैंड से चंडीगढ़, दिल्ली, रोहतक व पानीपत रूट की बस सेवाएं बंद कर दी। इन बस सेवाओं के बंद होने के चलते रोडवेज को लाखों का नुकसान हुआ। हांसी से चंडीगढ़ करीब 6 बसें चलती है, जिन सभी बसों को बंद कर दिया गया।