बरवाला के प्रशासनिक भवन कार्यालय में मौजूद अभिभावक।
बरवाला। शहर के एक निजी स्कूल संचालक की मनमानी के खिलाफ प्रशासनिक भवन कार्यालय में 4 से 9 मई तक अभिभावकों ने धरना दिया था। उस दौरान तहसीलदार राजेश गर्ग, अतिरिक्त खंड शिक्षा अधिकारी मनोज गुप्ता, प्रिंसिपल सुभाष बिश्रोई व थाना प्रभारी दलबीर पूनिया के साथ हुई बैठक में कुछ बातों पर सहमति बनी थी व अभिभावकों ने धरना उठा लिया था।
वहीं पुलिस ने समझाैते के तहत 9 मई को निजी स्कूल संचालक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला भी दर्ज कर लिया था, लेकिन आज तक स्कूल संचालक को गिरफ्तार नहीं किया गया है। स्कूल संचालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को अभिभावक डीएसपी सुमित कुमार से मुलाकात करने पहुंचे, लेकिन अभिभावक डीएसपी व थाना प्रभारी की आगामी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिखे। वहीं समझाैते के मुताबिक निजी स्कूल को छोड़ने वाले सभी बच्चों का एडमिशन शिक्षा अधिकारियों द्वारा सरकारी स्कूल में करवाया जाना था।
अभिभावकों के अनुसार इस बीच अब एक नई समस्या निकलकर सामने आई है। वह यह कि उन सभी बच्चों में जो पढाई में कमजोर बच्चे हैं उन्हें रिपाेर्ट कार्ड की भी आवश्यकता है कि बच्चे ने उस स्कूल में अंतिम वर्ष में कितने अंक प्राप्त किए हैं। ऐसे में जो अभिभावक केवल एसएलसी की मांग कर रहे थे उन्हें अब बच्चे का रिपाेर्ट कार्ड भी जरूर चाहिए, लेकिन स्कूल संचालक इस संबंध में प्रशासन को ठेंगा दिखा रहा है, वह ना ही तो बच्चों की एसएलसी दे रहा है और न ही उनका रिपाेर्ट कार्ड दे रहा है। यही नहीं पुलिस भी एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज करने के एक सप्ताह बीत जाने पर भी उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
अभिभावकों का कहना है कि वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और न ही शिक्षा विभाग उस पर कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में न्याय के लिए उन्हें फिर से आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।