पिछले कुछ समय से कुख्यात विनोद पानू उर्फ काना गैंग के निशाने पर आए बालसमंद निवासी संदीप उर्फ दीपी जांगड़ा को बृहस्पतिवार सुबह बदमाशों ने घर के बाहर गोलियों से भून दिया।
पानू गिरोह के अरविंद पंडित व सज्जन के खिलाफ शुक्रवार को कोर्ट में उसकी गवाही थी। इससे पहले उस पर दो बार जान लेवा हमला हो चुका था। पानू गैंग के मई महीने में पकड़े गए एक बदमाश सादिक ने खुलासा किया था कि उनको अगला निशाना संदीप उर्फ दीपी है।
इसके बाद पुलिस ने एहतियातन उसे गन मैन उपलब्ध कराया था। बृहस्पतिवार सुबह वारदात हुई तो गन मैन बाथरूम में नहा रहा था और इस दौरान दीपी ने कुत्ते को रोटी डालने के लिए घर के बाहर कदम रखा ही था कि सामने वाले घर में घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी।
वारदात के बाद बदमाश बाइक पर सवार होकर भाग निकले। भागते समय उन्होंने दीपी की दुकान के बाहर व गांव के बस स्टैंड पर भी गोलियां चर्लाइं। पुलिस को मौके से गोलियों के 9 खोल बरामद हुए। दीपी के शव से पोस्टमार्टम में 6 गोलियां निकली हैं।
पुलिस ने आधा दर्जन बदमाशों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। वारदात के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बालसमंद में दोपहर को हिसार-भादरा रोड को जाम कर दिया और गांव के बाजार में भी दुकानों के शटर गिर गए। ग्रामीण आरोपियो को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहेे।
घर के बाहर कदम रखते ही बरसी गोलियां
संदीप उर्फ दीपी हर रोज सुबह अपने साथियों के साथ गांव का गौशाला जाता था। बृहस्पतिवार सुबह सवा 6 बजे के करीब वह गौशाला जाने की तैयारी में था। उसका गनमैन अजमेर उस समय नहा रहा था।
संदीप कुत्ते को रोटी डालने के लिए घर से बाहर निकला ही था कि सामने के घर से बदमाश बाहर निकले और उस पर गोलियां बरसा दी।
एक गोली संदीप के सिर में लगी, वह नीचे गिर गया तो बदमाशों ने उस पर कई राउंड गोलियां चलाई। बदमाश इसके बाद बाइकों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। बालसमंद पुलिस चौकी प्रभारी एसआई राजेंद्र सिंह ने बताया कि दीपी की हत्या पुरानी रंजिश में की गई है।
पुलिस ने उसके भाई कृष्ण के बयान पर जेल मे बंद सज्जन के भाई कपिल, घर के सामने रहने वाले सतबीर व उसके दो बेटों विकास व अशोक और गांव के ही सुनील व अजीत के खिलाफ हत्या व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
तीन घंटे तक रहा रोड जाम
संदीप उर्फ दीपी की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जिस समय हिसार के सिविल अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम हो रहा था, उसी दौरान ग्रामीणों ने दोपहर को दो बजे के करीब गांव में हिसार-भादरा रोड को जाम कर दिया। शोक स्वरूप गांव की मार्केट में भी दुकानें बंद कर दी गई।
जाम की सूचना के बाद डीएसपी जयभगवान दल बल के साथ मौके पर पहुंचे ओर आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।
पुलिस की तीन टीमें उनकी तलाश में लगी हैं। पुलिस ग्रामीणों को समझाकर करीब तीन घंटे बाद जाम खोलने को राजी कर पाई। इसके बाद ही रोड पर वाहनों का आवागमन सुचारु हो पाया।
... ऐसे आया अपनों के निशाने पर
बालसमंद निवासी संदीप उर्फ दीपी आरंभ में पानू गिरोह के अरविंद पंडित का खास था। कई साल पहले उस पर बैंक डकैती का मामला दर्ज हुआ था।
बाद में पकड़ा गया तो उसने पुलिस के आगे अरविंद पंडित व उसके गैंग के कई सदस्यों के नाम उगल दिए। हालांकि इस मामले में वह बरी हो चुका था। गिरोह के सदस्यों में यहीं से उसके प्रति विरोध शुरू हो गया था। गैंग का मानना था कि संदीप उर्फ दीपी ने उनके साथ दगाबाजी की है। बाद में एक अवैध पिस्तौल के पांच हजार रुपयों की अदायगी को लेकर अरविंद पंडित के साथ दीपी की तू तू मैं मैं हो गई थी।
हालांकि उसने यह राशि अदा कर दी थी, लेकिन उसने कहा था कि वह जमींदार का बेटा है और इस प्रकार लुटाने के लिए उसके पास पैसे नहीं है। यहीं से पंडित व दीपी के बीच दुश्मनी की दरार चौड़ी हो गई।
तभी से वह अरविंद पंडित के निशाने पर था। हालांकि दीपी ने गिरोह के जेल में बंद कुछ सदस्यों की खूब सेवा की, लेकिन दुश्मनी की खाई को वह पाट नहीं सका। कुछ दिनों बाद वह गिरोह से पूरी तरह से अलग हो गया।
दो बार हुए हमले, दो दिन से थे ताक पर
संदीप उर्फ दीपी पर पिछले ढ़ाई साल में दो बार जानलेवा हमला हो चुका था। करीब ढ़ाई साल पहले जहां उस पर गांव बुड़ाक में गोली चलाई गई।
वह इसमें बाल बाल बच गया। इसके बाद गांव बालसमंद में उस पर डेढ़ साल पहले फिर से गोली चलाई गई। गोली उसके हाथ में लगी थी और एक घर में छिप कर उसने जान बचाई थी।
इस मामले में उसकी शिकायत पर गांव के ही कुख्यात बदमाश अरविंद पंडित व एक अन्य सज्जन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला पुलिस ने दर्ज किया था।
इसी मामले में शुक्रवार को दीपी की कोर्ट में गवाही थी। पानू गैंग का पूरा प्रयास था कि दीपी की गवाही न हो पाए। पिछले दो दिन से बदमाश उसकी हत्या के लिए मौका तलाश रहे थे।
बुधवार सायं को गांव के अड्डे पर भी बदमाशों ने उसको घेरने का प्रयास किया, लेकिन कुछ साथियों के मौके पर आ जाने के कारण वे कामयाब नहीं हो पाए।
3 महीने से था खतरा, समझौता भी किया
संदीप उर्फ दीपी अपने ही गैंग के लोगों के निशाने पर है, इसका खुलासा 13 मई को कोर्ट परिसर में जींद जेल से पेशी पर आए एक बदमाश संदीप उर्फ बच्ची की हत्या के बाद मौके पर पकड़े गए बालसमंद गांव के सादिक ने पुलिस पूछताछ में किया था।
अरविंद के इशारे पर गिरोह के सदस्यों ने 12 मई को जहां बरवाला में मिठाई दुकानदार प्रकाश के बेटे सतीश की हत्या की, वहीं अगले दिन हिसार कोर्ट परिसर में संदीप उर्फ बच्ची को मार डाला। बदमाशों की योजना 14 मई को बालसमंद में संदीप उर्फ दीपी की हत्या की थी।
पकड़े गए सादिक खान ने बताया था कि अरविंद पंडित के इशारे पर ये हत्याएं कीं। पुलिस ने दीपी की जान को खतरा देखते हुए उसे पुलिस के सिपाही अजमेर को उसका गन मैन लगाया था। उसके रिवॉल्वर के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी चल रही थी।
गत 11 अगस्त को ही दीपी ने अपनी जान लेने पर आमदा बदमाशों के साथ बैठक कर समझौता किया था। कोर्ट में चल रहे हत्या के प्रयास के मामले में भी वह समझौता करना चाहता था।