हिसार। व्हाट्सएप पर किसानों के आंदोलन से संबंधित स्टेटस लगाने पर बायोलॉजिस्ट रमेश पूनिया का पलवल में तबादला कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा की तरफ से उनके 18 अगस्त को तबादले के आदेश जारी कर दिए है। डॉ. रमेश पूनिया ने कोरोना के समय सबसे पहले लोगों के घरों में जाकर दवा की सेवा शुरू की थी। जब सफाई कर्मियों ने कोरोना संक्रमितों के घर के बाहर से कचरा उठाने से मना कर दिया तो डॉ. रमेश पूनिया ने खुद कचरा उठाया था। कोरोना की दूसरी लहर में उन्होंने काफी लोगों को अस्पताल से लाखों रुपये वापस भी दिलाए थे।
नागरिक अस्पताल के जिला मलेरिया विभाग में कार्यरत बायोलॉजिस्ट रमेश पूनिया ने 10 अगस्त की सुबह अपने व्हाट्सएप नंबर पर कुछ फोटो स्टेटस लगाए थे। ये फोटो किसानों के आंदोलन से संबंधित थे। किसानों ने 10 अगस्त को लघु सचिवालय के घेराव का एलान किया था। जिसके चलते प्रशासन की तरफ से शहर के अंदर आने वाले रास्तों को बंद किया हुआ था। शहर में एंट्री के प्रमुख चौराहों पर ट्रकाें को खड़ा किया हुआ था। जिस कारण बड़े वाहन मुख्य सड़कों से अंदर नहीं जा पा रहे थे। दुपहिया वाहन ही शहर के अंदर एंट्री कर रहे थे। ऐसे में बॉयोलॉजिस्ट रमेश पूनिया ने रोड जाम और शहर की सड़कों के जाम के फोटो अपलोड किए थे।
जिसके बाद उपायुक्त उत्तम सिंह ने सीएमओ डॉ. नरेश से बात की। उसके बाद सीएमओ की तरफ से बायोलॉजिस्ट रमेश पूनिया को नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा था। जिसमें लिखा है कि आप के द्वारा सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक स्टेटस लगाया है। इस बारे में 11 जुलाई तक स्पष्टीकरण दें नहीं तो आपके के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रमेश पूनिया ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। उन्होंने 17 अगस्त को नोटिस का जवाब दिया था। जिसमें बताया था स्टेटस लगाने के पीछे उनका उद्देश्य अपने परिचिताें को जाम से बचाना था।