हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नियमित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्सों में प्रवेश के लिए बुधवार सुबह तक 14,100 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। कई पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जून है जबकि कुछ अन्य कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि अब तक स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए 3,200 से अधिक तथा स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों के लिए 10,450 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीटों की तुलना में अधिक आवेदन आ चुके हैं जिससे विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की 360 डिग्री वर्चुअल टूर सुविधा के माध्यम से घर बैठे विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संसाधनों और अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रो. बिश्नोई ने कहा कि इंटीग्रेटेड बीए-एमए (भगवद्गीता) पाठ्यक्रम की कक्षाएं जिओ संस्थान, कुरुक्षेत्र में परमपूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के मार्गदर्शन में संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रवेश से संबंधित सीटों की संख्या, पात्रता मानदंड, प्रवेश प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा (जहां लागू हो), काउंसिलिंग कार्यक्रम और शुल्क संरचना सहित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय के प्रॉस्पेक्टस-2026-27 में उपलब्ध है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा क्यूआर कोड के माध्यम से भी प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
एमकॉम में दाखिले के लिए 6 जुलाई को होगी पहली काउंसिलिंग
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कॉमर्स विभाग में एमकॉम पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए प्रथम काउंसिलिंग 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर संभावित मेरिट सूची 1 जुलाई को प्रदर्शित की जाएगी।
कॉमर्स विभाग की अध्यक्षा प्रो. निधि तुरान ने बताया कि वर्तमान समय में एमकॉम केवल एक अकादमिक डिग्री नहीं, बल्कि बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों, टैक्स कंसल्टेंसी, कॉर्पोरेट सेक्टर, शिक्षण और शोध जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग विद्यार्थियों की प्लेसमेंट तैयारी, कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोफेशनल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर पर विशेष ध्यान दे रहा है।
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमकॉम कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप उद्योग जगत की आवश्यकताओं से जोड़कर तैयार किया गया है। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर कौशल से भी सुसज्जित करना है। एमकॉम पाठ्यक्रम में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं।