हिसार। गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा और हिसार के वार्ड-तीन से भाजपा पार्षद ज्योति वर्मा पर चुनाव में जाति संबंधी तथ्य छिपाने के मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को स्क्रूटनी कमेटी के समक्ष 30 दिन में शिकायत देने का आदेश दिए हैं।
ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार लाल बहादुर खोवाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सामान्य वर्ग से संबद्ध ज्योति ने झूठे जाति प्रमाणपत्र के आधार पर पिछड़ा वर्ग आरक्षित सीट से चुनाव लड़कर जीता।
याचिका में बताया कि भाजपा प्रत्याशी ने सुनार जाति के रूप में स्वयं को पिछड़ा वर्ग-ए का बताया जबकि वास्तव में वह पंजाबी अरोड़ा/खत्री जाति से है, जो हरियाणा पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2016 की अनुसूची-1 में वर्णित पिछड़ा वर्ग-ए की सूची में शामिल नहीं है। एडवोकेट खोवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार जल्द ही स्क्रूटनी अथॉरिटी के समक्ष पेश होकर शिकायत की जाएगी। खोवाल ने जनहित याचिका में बताया था कि इसी तरह गुरुग्राम मेयर प्रत्याशी सहित प्रदेश में कई जगह आरक्षण संबंधी गलत प्रमाणपत्र प्रस्तुत करके कई उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।