सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में हिसार के पांच विधायक शून्यकाल में जिले के मुद्दों को उठाएंगे। इसमें फसलों की गिरदावरी को लेकर देरी के अलावा डी प्लान पर भी सवाल पूछेंगे।
विधायक बदहाल सड़कों, सीवरेज, पेयजल, शिक्षा सहित कई अन्य मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछेंगे। इसके अलावा पिछले दिनों ब्लैक लिस्टेड किए गए एचएयू के पांच छात्रों का भी मुद्दा जोरशोर से उठाया जाएगा।
विधानसभा में सवाल पूछने के लिए विधायकों को इस बार शून्यकाल से ही उम्मीद है। विधानसभा के नियमों के चलते 15 दिन पहले सवाल भेजना अनिवार्य होता है।
इस बार जब सत्र का एलान किया गया तो उस समय केवल 13 दिन ही बचे थे। इस कारण विधायकों के नए सवाल शामिल नहीं किए जा सके।
विधायकों की ओर से पिछली बार दिए गए सवालों के जवाब इस बार दिए जाएंगे। दो दिन के विधानसभा सत्र में पहले दिन अधिक कामकाज की संभावना नहीं है। दूसरे दिन में पांच विधेयक रखे जाएंगे।
पहले दिन 19 तारांकित सवालों के जवाब
जानकारी के अनुसार पिछली बार करीब 70 सवालों के जवाब नहीं दिए जा सके थे। इसमें से 39 सवालों के जवाब इस बार दिए जाएंगे, जिसमें पहले दिन तारांकित 19 सवालों का जवाब दिए जाने की संभावना है।
दूसरे दिन 20 तारांकित सवालों के जवाब दिए जाएंगे। तारांकित सवालों के जवाब संबंधित महकमे के मंत्री की ओर से ही दिए जाते हैं।
पांच विधायक पूछेंगे सवाल
हिसार जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें नारनौंद से कैप्टन अभिमन्यु वित्तमंत्री तथा हिसार शहर से डॉ. कमल गुप्ता सीपीएस हैं। विधानसभा के नियमों के अनुसार यह दोनों विधानसभा में सवाल नहीं पूछ सकते।
बाकी पांच विधायकों को ही सवाल पूछने का हक है। ऐसे में हिसार जिले के सवाल उठाने की जिम्मेदारी हजकां तथा इनेलो विधायकों पर ही है।
विधायक बोले
मैंने अपने एरिया के 18 सवाल भेजे हुए हैं। इसमें सड़क, बिजली, जन स्वास्थ्य के सवालों पर विधानसभा में जवाब मांगा जाएगा। समय मिला जो शून्यकाल में अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने का काम करूंगा।
- अनूप धानक, विधायक उकलाना हिसार
अब तक के सरकार के रवैये से नहीं लग रहा कि विपक्ष को सवालों का ज्यादा मौका मिलेगा। ध्यान आकर्षण प्रस्ताव तथा शून्य काल में सफेद मक्खी, गिरदावरी, लावारिस पशु, बिजली के बिलों के मुद्दे को उठाया जाएगा।
- वेद नारंग, विधायक, बरवाला हिसार
सत्र बेहद छोटा रखा गया है। सोची समझी नीति के तहत केवल डेढ़ दिन का ही सत्र रखा गया है। जीरो आवर में डी प्लान में विधायकों के साथ भेदभाव, कैमरी आश्रम के बारे में भी सवाल पूछेंगे। इसके अलावा क्षेत्र की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाएंगे।
- रणबीर गंगवा, विधायक नलवा, हिसार
नए सवालों के लिए सरकार ने समय ही नहीं दिया। ऐसे में स्टार रेडिट सवाल विधानसभा में नहीं आ सकेंगे। जीरो आवर में ही सवाल रखे जा सकते हैं। सफेद मक्खी, बढ़ता अपराध, पेयजल, शिक्षा पर सवाल पूछे जाएंगे।
- रेणुका बिश्नोई, विधायक, हांसी हिसार
विधानसभा का सत्र बेहद छोटा है। सरकार को सत्र की घोषणा पहले करनी चाहिए थी। इस सत्र के लिए नए सवाल भेजे ही नहीं जा सके। समय मिला तो प्रदेश में हो रहे घोटाले, भेदभाव, बिजली बिल सहित अन्य मुद्दे उठाए जाएंगे।
- कुलदीप बिश्नोई, विधायक, आदमपुर हिसार