सरकार की ओर से जारी स्कूल अपग्रेडेशन की लिस्ट से जिले के सात में से छह विधायकों के एरिया गायब हैं। विधानसभा में शिक्षामंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद भी स्कूल अपग्रेड नहीं हुए। सीसवाला की पंचायत ने एलान किया कि हमारा स्कूल अपग्रेड नहीं किया तो हम उसको गोशाला में तब्दील कर देंगे।
जिले के कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में से पांच में विपक्ष के विधायक हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जारी लिस्ट में हिसार के केवल आठ स्कूल हैं। इनमें नारनौंद क्षेत्र के छह स्कूल वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की अनुशंसा पर अपग्रेड किए गए हैं। सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र की अनुशंसा पर दो स्कूल अपग्रेड हुए। इनमें एक स्कूल ओएसडी के गांव मय्यड़ तो दूसरा स्कूल नारनौंद के गांव सिंहवा का है। हिसार के विधायक और सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता, आदमपुर विधायक कुलदीप बिश्नोई, नलवा विधायक रणबीर गंगवा, उकलाना विधायक अनूप धानक, बरवाला विधायक वेद नारंग, हांसी विधायक रेणुका बिश्नोई की किसी भी अनुशंसा को स्वीकार नहीं किया गया। इन एरिया में स्कूल अपग्रेड नहीं किए गए। बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला का कहना है कि स्कूल अपग्रेडेशन में हिसार से भेदभाव बरता गया। बरवाला हलके में केवल सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह के गांव मय्यड़ का स्कूल अपग्रेड किया गया है।
पंचायत कर दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
गांव सीसवाला के लोगों ने स्कूल अपग्रेडेशन को लेकर पिछले साल 22 दिन तक धरना दिया था। इस स्कूल को भी अपग्रेड नहीं किया तो गांव के लोगों ने वीरवार को पंचायत की, जिसमें ग्रामीणों ने फैसला लिया कि अगर तीन दिन में स्कूल को अपग्रेड नहीं किया तो गांव के सरकारी स्कूल के भवन को गोशाला बनाएंगे। स्कूल अपग्रेडेशन की मांग को लेकर गांव की लड़कियां भी स्कूल के बाहर जुटीं। छात्राओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे लगाते हुए स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की। गांव की पंचायत ने इस मामले को अदालत में भी ले जाने का फैसला लिया। गांव के लोगों ने कहा कि 8 नवंबर 2016 को चौधरीवास में आयोजित रैली में सीएम ने इस स्कूल को अपग्रेड करने का एलान भी किया था। इस मौके पर सरपंच राजपाल माडिया, पंच सुनील, महीपाल, पंच संजय खुराना, पंच आशा रानी, पंच बंता देवी, पंच सुरेश देवी, पंच कृष्णा देवी, पंच राजेश भाकर, पंच नवीन, पंच पहलवान गुरिया, पंच सतपाल नांदवाल, पंच देवेंद्र जांगड़ा, नंबरदार रामचंद्र गुरिया, नंबरदार श्यामसुंदर सहारण, पूर्व सरपंच रामजस जांगड़ा, पूर्व सरपंच कृष्ण, युवा क्लब प्रधान संजय खोवाल, रामचंद्र हुड्डा, संदीप खोवाल, संदीप मेहराू, ब्लॉक समिति मेंबर इंद्रावती सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
यह बोले ग्रामीण
सदलपुर, भोड़िया, झीड़ी, डोभी, खैरमपुर, भाणा, बांडाहेड़ी, सीसवाल, कोहली, ठसका, ढंढूर, असरावा, न्यौली खुर्द, चंदन नगर, सारंगपुर, फ्रांसी सहित गांवों के लोग ढाई साल में कई बार स्कूल अपग्रेड की मांग कर चुके हैं।
- कुलदीप बिश्नोई, विधायक, आदमपुर
बुरे, सीसवाला सहित तीन गांवों के स्कूल अपग्रेड कराने के लिए विधानसभा में मांग उठ उठाई थी। सीसवाला के स्कूल को लेकर तो सीएम ने भी एलान किया था। सरकार ने पूरी तरह से भेदभाव बरतते हुए स्कूल अपग्रेड किए। - रणबीर गंगवा, विधायक, नलवा
मैंने गांव शिवपुरी, सरसौद-बिचपड़ी, भगाना सहित चार स्कूलों को प्रमुख रूप से अपग्रेड करने के लिए विधानसभा में मांग रखी थी। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने भी भरोसा दिलाया था। हमारे किसी स्कूल को अपग्रेड नहीं किया।
- वेद नारंग, विधायक , बरवाला
बिठमड़ा ब्वॉयज स्कूल, गैबीपुर, सिवानी बोलान, कुलेरी सहित अन्य स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए विधानसभा में सवाल उठाया था। सत्र के समय शिक्षामंत्री ने कहा था कि हम स्कूलों को अपग्रेड करेंगे। यह तो राजनीतिक भेदभाव है।
- अनूप धानक, विधायक, उकलाना
जमावड़ी सहित छह गांव के स्कूलों को अपग्रेड करने की मांग कई बार दी। विधानसभा में भी इस बारे में सवाल रखा था। विपक्ष के साथ भेदभाव करते हुए एक स्कूल अपग्रेड नहीं किया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा व्यर्थ है।
- रेणुका बिश्नोई, विधायक, हांसी
पंचायत सामूहिक इस्तीफा देगी
गांव सीसवाला के सरपंच राजपाल का कहना है कि 79 स्कूलों को नियमों में छूट देकर अपग्रेड किया तो हमारे गांव के स्कूल को क्यों नहीं किया। अगर मांग पूरी नहीं हो सकी तो गांव की पंचायत सामूहिक तौर पर इस्तीफा देने का फैसला लेगी।