हिसार। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बाल वाटिका से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने राहत भरा फैसला लिया है। अब एक या दो विषयों में कम अंक आने या फेल होने पर पूरे साल का नुकसान नहीं होगा।
वार्षिक परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट या कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यार्थी सुधार परीक्षा देकर अपने अंक बेहतर कर सकेंगे। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। सुधार परीक्षा 20 अप्रैल से 1 मई तक चलेगी।
20 अप्रैल को कक्षा छठी की अंग्रेजी, कक्षा सातवीं की हिंदी और कक्षा आठवीं की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। 21 अप्रैल को अंग्रेजी, हिंदी और विज्ञान की परीक्षाएं आयोजित होंगी। इसके बाद 22, 23 और 24 अप्रैल को अन्य विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। सभी परीक्षाएं सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक होंगी। कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 20 से 25 अप्रैल के बीच मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसमें लिखित के साथ-साथ मौखिक असेसमेंट भी शामिल होगा, ताकि बच्चों के समग्र विकास का सही आकलन किया जा सके। सुधार परीक्षा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाएगी और बिना मानसिक दबाव के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देगी। यह परीक्षा केवल अंक सुधार तक सीमित नहीं बल्कि बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में भी मदद करेगी।