हिसार। धांसू रोड पर बने डियर पार्क में वन्य जीवों के लिए ऑपरेशन थियेटर बनाने के लिए सरकार के पास दोबारा प्रपोजल भेजा जाएगा। ऑपरेशन थियेटर की सुविधा होने के बाद यहां प्रदेश भर के वन्य जीवों का उपचार हो सकेगा। डियर पार्क में हिरण, नील गाय से लेकर अन्य घायल वन्य जीव आते हैं। हालांकि विभाग की ओर से करीब डेढ़ साल पहले ऑपरेशन थियेटर बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गया था। मगर अभी तक अनुमति नहीं मिली। अब विभाग की ओर से दोबारा प्रपोजल बनाकर भेजने की बात कही जा रही है। वहीं, डियर पार्क में पोस्टमार्टम हाउस तो बना है, मगर यहां डॉक्टर की सुविधा नहीं है। जब भी मृत वन्य जीवों का पोस्टमार्टम करने की जरूरत पड़ती है तो उस केस में धांसू से वेटरनरी सर्जन को ही बुलाना पड़ता है। यदि ऑपरेशन करने की नौबत आती है तो उन्हें लुवास में भेजा जाता है।
10 व 11 सितंबर 2022 को भुवनेश्वर में जू डायरेक्टरों की नेशनल कांफ्रेंस हुई थी। इसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने जू के निदेशकों को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि जीवों में लगातार तेजी से बीमारियां बढ़ रही हैं। इसके लिए हमें अभी से तैयार रहना होगा। जहां-जहां जू, डियर पार्क बने हुए हैं, वहां ऑपरेशन थियेटर भी बनाए जाएं, ताकि वन्य जीवों का तुरंत उपचार किया जा सके। इसे देखते हुए डियर पार्क में वन्य जीवों के उपचार के लिए एक करोड़ की लागत से ऑपरेशन थियेटर बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गया था। हर साल तीन मार्च को विश्व वन्य जीव दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वन्य जीवों के बारे में जागरूक करना है।
रोहतक से बुलाना पड़ा था चिकित्सक
21 जनवरी 2024 को ऋषि नगर से वन्य प्राणी विभाग की टीम ने एक तेंदुआ को रेस्क्यू किया था। इस केस में भी तेंदुआ का स्वास्थ्य जांचने और उसे इंजेक्शन लगाने के लिए रोहतक से डॉ. अशोक खासा को बुलाया गया था। हालांकि उस समय तेंदुआ शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट मिला।
एक नजर में डियर पार्क
कुल क्षेत्र : 46 एकड़ में
कुल हिरण : 121
प्रजाति : चीतल, चिंकारा, काला और सांभर हिरण
निर्माण वर्ष : 1987
डियर पार्क में ऑपरेशन थियेटर बनाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। अभी वन्य जीवों का उपचार करवाने के लिए धांसू ने चिकित्सक बुलाना पड़ता है। - दिनेश जांगड़ा, उप वन्य जीव निरीक्षक