हिसार। शहर के वार्ड 6 (पुराना वार्ड 10) में एक महिला लाडो रानी व उसके रिश्तेदारों के नाम सात राशन डिपो मिले हैं। महिला का पति सरकारी कर्मचारी है और रजिस्ट्री क्लर्क के पद पर तैनात हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों व मेयर की तरफ से गठित कमेटी की जांच में ये गड़बड़ियां सामने आई हैं। कमेटी ने विभाग से डिपो संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश की है। जांच कमेटी की मानें तो उक्त डिपो संचालक राशन में गोलमाल कर रहे थे। उपभोक्ताओं को कोई स्लिप भी नहीं दी जा रही थी। यही नहीं जांच में सात में से तीन डिपो मिले ही नहीं। उधर, मेयर गौतम सरदाना ने इन डिपो की सप्लाई बंद करने को लेकर उपायुक्त को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इस मामले में अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है। बता दें कि जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों व निगरानी कमेटी के सदस्यों के साथ मेयर ने 20 अगस्त को बैठक की थी। इस दौरान लाडो देवी पत्नी प्रमोद कुमार के रिश्तेदारों द्वारा सात राशन डिपो चलाने का मामला उठा था। इस मामले में 21 अगस्त को निगरानी कमेटी की टीम ने जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ सातों डिपो का निरीक्षण किया था।
डिपो संचालकों ने राशन किया खुर्द-बुर्द
जांच कमेटी के अनुसार कार्ड धारकों के बयान के आधार पर स्पष्ट होता है कि उक्त डिपो संचालकों ने उनके नाम के आगे दर्शाई गई राशन की मात्रा कार्ड धारकों को न देकर खुर्द-बुर्द किया है। मई, जून व जुलाई में कार्ड धारकों को बाजरा व चीनी का वितरण सात डिपो संचालकों की तरफ से नहीं किया गया, जबकि उनकी पीओएस मशीन से बाजरा व चीनी का वितरण किया हुआ है।
कमेटी के अनुसार किस डिपो पर कितनी गड़बड़ी मिली
डिपो संचालक गेहूं चीनी बाजारा आटा नमक
लाडो रानी 242 किलो 6 किलो 232 किलो 119 किलो 6 किलो
कृष्ण कुमार 135 किलो 7 किलो 95 किलो 105 किलो 5 किलो
सुभाष चंद्र 20 किलो 4 किलो 38 किलो 28 किलो 5 किलो
कविता जोनी 55 किलो 4 किलो 68 किलो 44 किलो 5 किलो
सुनील कुमार 20 किलो 0 किलो 8 किलो 0 किलो 0 किलो
मंजू बाला 53 किलो 8 किलो 60 किलो 62 किलो 6 किलो
लाडो रानी करती हैं सभी डिपो का संचालन
कमेटी के मुताबिक डिपोधारकों की पीओएस मशीनों में दर्ज राशन कार्डों की पोर्टेबलिटी जुलाई में 71.14 से 100 प्रतिशत है, जो विभागीय नियमानुसार नहीं है। कार्ड धारकों के बयान व शिकायत में दर्ज डिपो धारकों की पीओएस मशीनों में आपस में इतनी ज्यादा पोर्टेबलिटी से स्पष्ट है कि सुभाष चंद्र, कविता जोनी, सुनील कुमार, ललित कुमार व कृष्ण कुमार के डिपो का संचालन लाडो रानी ही करती है, जो विभागीय नियमों के खिलाफ है।
तीन डिपो का राशन रखा था एक जगह
जांच के समय सभी डिपो बंद मिले थे और फोन करने के बाद लाडो रानी के अलावा कोई भी डिपो संचालक नहीं आया। इसके अलावा तीन डिपो का राशन एक ही कार्य स्थल पर रखा हुआ था और गिनती योग्य स्थिति में नहीं था। साथ ही किसी भी डिपो के बाहर साइन बोर्ड, स्टॉक बोर्ड व रेट लिस्ट नहीं लगी मिली। सिर्फ लाडो रानी डिपो धारक के डिपो पर साइन बोर्ड लगा मिला। कार्ड धारकों ने बताया कि उनके कार्ड लाडो रानी ने अपने पास ही रखे हुए हैं, जिस कारण उन्हें पता नहीं है कि उनके कार्ड किस श्रेणी के हैं। कार्ड धारकों ने यह भी बताया कि लाडो रानी पीओएस मशीन पर अंगूठे घर पर लगवाती है डिपो पर नहीं और हाथ से पर्ची बनाकर देती है। कार्ड धारकों ने बताया कि लाडो रानी व प्रमोद कुमार का व्यवहार भी ठीक नहीं है।
यह की सिफारिश
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डिपो धारकों ने कार्ड धारकों को पूरा राशन न देकर व निर्धारित रेट से अधिक पैसे लेकर विभागीय नियमों की अवहेलना की है। डिपो धारक लाडो रानी, कृष्ण कुमार, विजय सिंह, सुभाष चंद्र, कविता जोनी, सुनील कुमार, ललित कुमार व मंजू बाला ने कार्ड धारकों को पूरा राशन न देकर पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर 2009 का उल्लंघन किया है। उक्त डिपो धारकों के खिलाफ पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर 2009 व एनएफएसए एक्ट 2013 के तहत सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
सभी राशन डिपो की जांच होगी
शहर के सभी 110 राशन डिपो की जांच करवाई जाएगी। यदि किसी भी डिपो पर गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। निगरानी कमेटी की टीम ने जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ सातों डिपो का निरीक्षण किया था, जिनमें से चार डिपो चल रहे थे और तीन डिपो अपनी जगह पर नहीं पाए गए। इस बारे में उपायुक्त से भी कार्रवाई की मांग की गई है।
-गौतम सरदाना, महापौर, हिसार।