हिसार। तरसेम नगर स्थित सिद्ध बाबा बालक नाथ एवं दुर्गा माता मंदिर में दीपावली पर बाबा बालक नाथ की चौकी और भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। संजीव कुमार महाराज ने कहा कि गुरु के नाम के सिमरन से सभी दुख अपने आप दूर हो जाते हैं। आज हर घर में सुख-सुविधाएं हैं, लेकिन सच्चा चैन और संतोष केवल भगवान की भक्ति और गुरु की शरण में ही मिलता है। दीपावली का दीप अंधकार को मिटाकर भीतर की रोशनी जगाने का प्रतीक है। जब हम सच्चे मन से भगवान का स्मरण करते हैं, तो भीतर का अज्ञान और अशांति दूर हो जाती है। मंदिर के मुख्य सेवक रामचरण गुप्ता ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 26 अक्तूबर 1969 को गुरु तरसेम लाल महाराज द्वारा की गई थी। इस मौके पर ओम यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. पुनीत गोयल ने गुरु तरसेम लाल महाराज की फोटो स्मृति चिह्न के रूप में संजीव कुमार महाराज को भेंट की।
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। तरसेम नगर स्थित सिद्ध बाबा बालक नाथ एवं दुर्गा माता मंदिर में दीपावली पर बाबा बालक नाथ की चौकी और भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। संजीव कुमार महाराज ने कहा कि गुरु के नाम के सिमरन से सभी दुख अपने आप दूर हो जाते हैं। आज हर घर में सुख-सुविधाएं हैं, लेकिन सच्चा चैन और संतोष केवल भगवान की भक्ति और गुरु की शरण में ही मिलता है। दीपावली का दीप अंधकार को मिटाकर भीतर की रोशनी जगाने का प्रतीक है। जब हम सच्चे मन से भगवान का स्मरण करते हैं, तो भीतर का अज्ञान और अशांति दूर हो जाती है। मंदिर के मुख्य सेवक रामचरण गुप्ता ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 26 अक्तूबर 1969 को गुरु तरसेम लाल महाराज द्वारा की गई थी। इस मौके पर ओम यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. पुनीत गोयल ने गुरु तरसेम लाल महाराज की फोटो स्मृति चिह्न के रूप में संजीव कुमार महाराज को भेंट की।