भारत माता मंदिर में चल रही श्रीमदभागवत कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।
हिसार। भारत माता मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में बुधवार को शिव-पार्वती के विवाहोत्सव की झांकी निकाली गई।
इस झांकी को देखकर श्रद्धालु अभिभूत होकर नाचने व झूमने लगे। त्रिशूलधारी भगवान शिव एवं मालाओं व मुकुट से सुसज्जित माता पार्वती के प्रतिरूप बनी बालिकाओं ने सभी श्रद्धालुओं में आस्था का संचार किया। इस दौरान कथा व्यास पंडित कृष्ण शरण शास्त्री ने कहा कि प्रभु की कृपा से ही श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का अवसर मिलता है।
बहुत से लोग बिना किसी काम के घर में खाली बैठे रहते हैं, लेकिन वे श्रीमद् भागवत कथा स्थल तक नहीं पहुंच पाते। इसलिए श्रीमद्भागवत कथा के लिए प्रभु, परम शक्ति, परम पिता की अनुकंपा होनी आवश्यक है।
उन्होंने शिव-पार्वती विवाह के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी कारण से इंसान को दूसरे को नीचा नहीं दिखाना चाहिए और किसी के मान-सम्मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। उन्होंने गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है, मेरो बांके बिहारी, नंदगोपाल मेरो है भजन सुनाए।
मंदिर के संरक्षक अनिल महत्ता ने बताया कि एमसी कॉलोनी स्थित भारत माता मंदिर में 22 मार्च तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। 23 मार्च को सुबह हवन व भजन एवं दोपहर को अटूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा।