डाटा गांव निवासी व्यापारी राममेहर की कार में जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस द्वारा फोन लोकेशन को ट्रेस करने पर खुलासा हुआ है कि वारदात से पहले राममेहर हिसार नहीं गया था, जबकि उसके परिजनों ने बयान दिया था कि हिसार से अपने गांव लौटते समय भाटला से महजत रोड पर उसके साथ यह वारदात हुई। दूसरी ओर पुलिस ने विभिन्न रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है, लेकिन फिलहाल पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है।
इस मामले में पुलिस कॉल डिटेल, फोन लोकेशन को मुख्य आधार मानकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार वीरवार को मृतक राममेहर के फोन की लोकेशन का डाटा खंगाला गया तो उससे खुलासा हुआ कि राममेहर हिसार नहीं गया था। पुलिस के अनुसार परिजनों का कहना है कि पिछले दो दिनों से राममेहर अपने घर नहीं गया था। इसको देखकर यह प्रतीत होता है कि वह पिछले दो दिनों से परेशान चल रहा था।
पुलिस के लिए यह भी पहेली है कि राममेहर का शव गाड़ी की कंडक्टर सीट पर बरामद हुआ था। ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि पहले हत्या की और बाद में शव गाड़ी में रखा गया होगा। इसके अलावा गाड़ी को आग लगाने के लिए पेट्रोल, डीजल या अन्य किसी पदार्थ का इस्तेमाल करने के बारे में भी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। इन सबका खुलासा फोरेंसिक रिपोर्ट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।
खंगाले सीसीटीवी
पुलिस ने इस मामले में वीरवार को घटनास्थल के रास्ते के अनेक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस दौरान बारीकी से आने-जाने वाले वाहनों की जांच की गई। बताया जा रहा है कि फुटेज से फिलहाल पुलिस को कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस ने हार नहीं मानी है और फोन लोकेशन व कॉल डिटेल को आधार मानकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
कई फोन सर्विलांस पर
एक व्यापारी की लूटपाट के बाद जलाकर जघन्य हत्या करने के मामले को हांसी पुलिस गंभीरता से ले रही है और स्वयं एसपी लोकेंद्र सिंह भी इस मामले को लेकर अधिकारियों से पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार गंभीर मामला होने के कारण पुलिस ने इस मामले जुड़े अनेक लोगों के फोन भी सर्विलांस पर लगाए हैं। पुलिस का मानना है कि फोन कॉल्स से भी इस जघन्य हत्या के मामले का सुराग हाथ लग सकता है।