हॉकी कोच राजेंद्र सिहाग के साथ संजय कालीरावणा।
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माता-पिता के साथ कोच की रही अहम भूमिका
संजय की दो बहनें हैं। पिता नेकीराम किसान हैं जबकि माता कौशिल्या गृहिणी हैं। संजय को यहां तक पहुंचाने के लिए परिवार के साथ-साथ कोच राजेंद्र सिहाग का अहम सहयोग रहा। इन्हीं की बदौलत संजय आज इस मुकाम पर पहुंचा है। संजय ने एशिनय गेम्स में भी पदक जीता था। संजय ने वर्ष 2021 में जूनियर वर्ल्ड कप खेला। इसी प्रकार 2018 में यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।
छोटी सी उम्र में संजय ने हॉकी की शुरुआत की। चार साल तक गांव डाबड़ा में हॉकी खेली। इसके बाद चंडीगढ़ चले गए। खास बात है कि संजय ने पहली बार एशियन गेम्स खेला और गोल्ड मेडल जीत लिया। वहीं अब ओलंपिक में देश को ब्रांज दिलाने में अहम योगदान रहा।