संत रामपाल की जमानत खारिज करने की मांग को लेकर चल रही वकीलों की हड़ताल को लेकर प्रदेश भर की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी हिसार में जुटे। बैठक में फैसला लिया गया कि हिसार को छोड़कर अन्य बार सोमवार से शुरू की जाएं। हिसार में सोमवार मंगलवार हड़ताल रहेगी। सोमवार-मंगलवार को प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों के प्रधान व सचिवों का प्रतिनिधिमंडल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगा।
बैठक में वक्ताओं ने संत रामपाल के अनुयायियों द्वारा उलटा वकीलों पर ही दोष लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि कोर्ट परिसर में घुसकर पहले तो वकीलों से ही पहचान-पत्र मांगे जाते हैं। फिर उलटा उन्हीं पर दोष लगाए जा रहे हैं। जिसे वकील बिल्कुल सहन नहीं करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि संत रामपाल के अनुयायियों ने हिसार कोर्ट में वकीलों के साथ दुर्व्यवहार किया। यही नहीं हजारों की संख्या में एकत्रित होकर मार्गों को जाम कर दिया, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों को समस्या हुई तथा आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
प्रदेश भर से इकट्ठा हुए वकीलों को करनाल बार एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार चौहान, पानीपत के प्रधान सतेंद्र सिंह, रोहतक के प्रधान लोकेंद्र फौगाट, सोनीपत प्रधान भगत सिंह, सिरसा प्रधान रमेश महता, फतेहाबाद प्रधान धर्मपाल जाखल, झज्जर प्रधान अजीत सोलंकी, कुरुक्षेत्र प्रधान राहुल तंवर, भिवानी प्रधान मनोज शर्मा, चरखी दादरी प्रधान प्रवीण श्योराण, महम प्रधान प्रदीप ढाका ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे हिसार बार एसोसिएशन की मांगों का समर्थन करते हैं तथा जब तक इस मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता तब तक वकीलों के साथ खड़े हैं।
बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों की इस प्रदेश स्तरीय बैठक में हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल और सचिव अमित सैनी ने 14 जुलाई को कोर्ट परिसर में हुई सारी घटना से अवगत करवाया। दोनों ने संत रामपाल के अनुयायियों की भीड़, वकीलों से दुर्व्यवहार, जनता की परेशानी आदि मुद्दों की विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन ने हमेशा वकीलों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ी है। यदि किसी भी वकील के साथ गलत होता है तो पूरी एसोसिएशन एकजुट होकर विरोध करती है।