हिसार। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) में अब तक एक लाख से अधिक कोविड सैंपल की जांच हो चुकी है। वीरवार शाम तक संस्थान की ओर से कुल एक लाख 954 सैंपल की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 6169 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। वीरवार को संस्थान की टीम ने कोविड के 808 सैंपल की जांच की। इनमें से पांच पॉजिटिव पाए गए।
संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की टीम 12 अप्रैल से लगातार कोविड जांच कर रही है। संस्थान के निदेशक डॉ. यशपाल सिंह ने बताया कि संस्थान में आरंभ में हिसार के अलावा, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद आदि स्थानों के सैंपल भी टेस्ट किए जाते थे। मगर जैसे-जैसे वहां टेस्टिंग की सुविधा बढ़ी तो सैंपल आने कम हो गए। अब अधिकांश हिसार जिले के सैंपल की ही टेस्टिंग संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही है। संस्थान के वैज्ञानिक प्रतिदिन करीब एक हजार सैंपल की जांच करते हैं। इसके लिए दो शिफ्ट बनाई गई है।
ये करते हैं कोविड सैंपल की जांच
- मुख्य वैज्ञानिक डॉ. बलदेव राज गुलाटी, राजेंद्र कुमार गोयल, डॉ. नवीन कुमार।
- कोविड टेस्टिंग के लिए सहायक वैज्ञानिक डॉ. जूही।
- रिसर्च असिस्टेंट गुरमेश, प्रियशी, अंजू और भूमिका।
- चार लैब टेक्नीशियन कश्मीर, कृष्ण, विनोद और सुनील।
- दो डाटा एंट्री ऑपरेटर पायल और सीमा।
बिल्ली से टाइगर तक की हो चुकी कोविड जांच
संस्थान के वैज्ञानिक इंसानों के अलावा पशुओं में भी कोविड की जांच कर चुके हैं। इनमें बिल्ली से लेकर टाइगर तक शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि चंडीगढ़ के छतबीड़ से एक टाइगर का सैंपल आया था, जो निगेटिव निकला। इसके अलावा गाय, भैंस और घोड़ों के सैंपल भी जांच में निगेटिव पाए गए थे। कुछ कोविड मरीजों के पालतु कुत्तों और बिल्लियों की भी कोविड जांच की गई, जो निगेटिव रहे थे।