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Hisar News: अब जिले के 743 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए हैफेड भेजेगा गेहूं का आटा

Tue, 08 Aug 2023 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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संजय वर्मा
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भिवानी। अब भिवानी जिले के 743 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए हैफेड गेहूं का आटा सप्लाई में भेजेगा। अब तक हैफेड सरकारी स्कूलों में गेहूं की सप्लाई देता था, जिसके बाद स्कूल स्तर पर ही गेहूं की पिसाई कराकर आटा तैयार कराया जाता था। मगर अब सीधे स्कूलों में आटा ही भेजा जाएगा।
इतना ही नहीं जिले भर की 1282 आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी गेहूं के बजाय जल्द ही आटा भेजने जाने की भी तैयारी चल रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के साथ शून्य से पांच साल तक के बच्चों को भी पोषाहार मिल रहा है।
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भिवानी जिले में 743 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 449 प्राइमरी और 294 अपर प्राइमरी राजकीय विद्यालय हैं। हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से नर्सरी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूली के अंदर ही रोजाना मध्याह्न भोजन दिया जाता है। मध्याह्न भोजन में बच्चों की पौष्टिकता के लिए गेहूं और चावल की सप्लाई हैफेड से ही सरकारी स्कूलों में कराई जा रही है। इसी तरह हैफेड जिले भर की 1282 आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी गेहूं और चावल सप्लाई करा रहा है। ये दोनों ही विभागों के केंद्र बच्चों को पोषाहार मुहैया कराते हैं।
सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील भोजन में तड़का यानी मशालों का स्वाद एसएमसी कमेटी द्वारा मिड डे मील पकाने वाला स्वयं सहायता समूह ही मुहैया कराता है, जबकि गेहूं की पिसाई कराकर उसका आटा भी विद्यालय में ही तैयार कराया जाता है। अब हैफेड से ही सीधा फ्लोर मीलों से पैकेट बंद आटा सीधा सरकारी स्कूलों में भेजा जाएगा। संवाद


गेहूं का स्कूलों में रहता है पहले से भंडारण, अब हर माह आटा होगा इस्तेमाल
मिड-डे मील की रसोई घर में ज्यादातर गेहूं का स्टॉक पहले से ही भंडारित रहता है। क्योंकि गेहूं की सप्लाई हर दो या तीन माह में होती है, लेकिन अब हर माह स्कूलों के अंदर हैफेड आटा भेजेगा। इसकी खपत भी हर माह जरूरी है। आटा ज्यादा दिन रखा रहने पर उसके खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में आटा रखरखाव के लिए भी ध्यान रखना पड़ेगा। आटा की सप्लाई स्कूलों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक गठित कमेटी द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद ही उसे स्कूलों में भेजा जाएगा।

जिलेभर की आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूलों में अनाज की सप्लाई के लिए एफसीआई को आवंटन महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा अलग अलग भेजा जाता है। हैफेड आवंटित राशन को ही ढुलाई ठेकेदारों के माध्यम से आंगनबाड़ी सेंटरों और सरकारी स्कूलों तक पहुंचाता है। अगर शिक्षा विभाग आटा के आवंटन की डिमांड करता है तो फिर स्कूलों में आटा भेजा जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।

जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अब मिड-डे मील राशन के लिए गेहूं के बजाय आटा सप्लाई दिया जाएगा। स्कूलों में भेजे जाने से पहले शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों की एक कमेटी उस आटे की जांच करेगी, जिसके बाद ही उसे स्कूलों में भेजने की अनुमति दी जाएगी। स्कूलों में पहले से मौजूद गेहूं का दलिया तैयार कराया जाएगा।
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- संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।

जिले की 1282 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने के लिए हैफेड के माध्यम से गेहूं और चावल की सप्लाई कराई जा रही है। फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्रों पर गेहूं सप्लाई में दिया जा रहा है। जिसके बाद आटा वर्कर अपने स्तर पर पिसाई करा रही है। अगर आटा सप्लाई में आएगा तो पिसाई नहीं करानी पड़ेगी और बच्चों को भी पोषाहार मुहैया कराने में आसानी होगी।
-दर्शना, सीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग भिवानी।
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