हिसार। अब प्रदेश सरकार ने शहरी एरिया से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियों को भी नियमित करने का फैसला किया है। इसके तहत कॉलोनाइजर से आवेदन मांगे गए हैं। कॉलोनाजर को निर्धारित दस्तावेजों के साथ 6 माह के अंदर हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन करना होगा। इन दस्तावेजों की जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन भी किया गया है। कमेटी की जांच के बाद आयुक्त व उपायुक्त की सहमति से आवेदनकर्ताओं को डिमांड लेटर भेजे जाएंगे और एक निर्धारित शुल्क जमा कराया जाएगा।
बता दें कि वर्तमान में शहरी एरिया से बाहर काफी संख्या में अवैध कॉलोनियां बसी हुई हैं। वैध न होने के कारण सरकार की ओर से इन कॉलोनियों में बिजली, पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके अलावा इन कॉलोनियों पर हर समय कार्रवाई होने का खतरा भी बना रहता है। मगर अब सरकार ने इन कॉलोनियों को नियमित करने जा रही है।
इन दस्तावेजों के साथ करना होगा आवेदन
कॉलोनाइजर, आरडब्ल्यूए या सहकारी समिति को अपनी भूमि की मलकियत, सजरा प्लान व गूगल ईमेल पर भूमि के खसरा नंबर को इंगित करते हुए आवेदन करना होगा।
जिला स्तरीय जांच कमेटी में इन्हें किया शामिल
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी को जिला नगर योजनाकार को सदस्य सचिव और जिला परिषद के जिला कार्यकारी अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता, जिला अग्निशमन अधिकारी, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता व उपायुक्त कार्यालय के तहसीलदार को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
कॉलोनियों को चार श्रेणी में बांटा
प्रदेश सरकार ने इन कॉलोनियों को चार श्रेणी में बांटा है। श्रेणी ए में उन कॉलोनियों को शामिल किया है, जो 0 से 25 प्रतिशत तक विकसित हैं। श्रेणी बी में वो कॉलोनियां 26 से 50 प्रतिशत तक विकसित हो। श्रेणी सी में कॉलोनियां 51 से 75 प्रतिशत तक विकसित हो और श्रेणी डी में कॉलोनियां 76 से 100 प्रतिशत तक विकसित हो।
इन कैटेगरी में ये रहेंगी शर्तें
श्रेणी ए
- खाली प्लॉट का इस्तेमाल सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने, पार्क निर्माण व पानी के लिए किया जा सकता है।
- कॉलोनी का 35 प्रतिशत एरिया का इस्तेमाल सड़कों व पार्कों के लिए किया जाएगा।
- किसी भी सड़क की चौड़ाई 9 मीटर से कम न हो।
- पार्कों व खाली जगह के लिए एरिया 5 प्रतिशत से कम न हो।
श्रेणी बी
- किसी भी सड़क की चौड़ाई 6 मीटर से कम न हो।
- कॉलोनी के अप्रोच रोड की चौड़ाई 9 मीटर से कम न हो।
- पार्क के लिए एरिया 3 प्रतिशत से कम न हो।
- 20 एकड़ व इससे ज्यादा एरिया वाली कॉलोनी में सामुदायिक भवन के लिए 500 स्कवेयर मीटर जमीन का प्रावधान हो।
श्रेणी सी
- विक्रय योग्य एरिया पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है।
- किसी सड़क की चौड़ाई 6 मीटर से कम नहीं होगी।
- अप्रोच रोड की चौड़ाई की कोई शर्त नहीं है।
- कॉमर्शियल कंपोनेंट की सीमा 4 प्रतिशत रखी है।
श्रेणी डी
- विक्रय योग्य एरिया पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है।
- अप्रोच रोड की चौड़ाई को लेकर कोई न्यूनतम सीमा नहीं है।
- कॉलोनाइजर को फायर ऑफिसर से एनओसी लेनी होगी।
- कॉलोनाइजर को फायर हाईड्रेंट फायर ऑफिसर के निर्देशानुसार उपयुक्त जगह लगाने होंगे।
प्रदेश सरकार शहर एरिया से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियों को नियमित करने जा रही है। इसी को लेकर कॉलोनाइजर से आवेदन मांगे गए हैं। इससे लोगों को सुविधाएं मिल सकेंगी। - मोहन सिंह, जिला नगर योजनाकार