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धरे गए कुख्यात गैंग के सदस्य

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कई जिलों में हत्या, लूट और अपहरण के करीब 16 मामलों में शामिल गैंग के चार सदस्यों को आईजी स्पेशल टास्क फोर्स ने धर दबोचा है, जबकि उनका पांचवां साथी मौके से भागने में कामयाब रहा। आरोपियों से पुलिस ने 10 पिस्टल और 46 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
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आरोपियों पर हिसार, रोहतक, जींद और भिवानी जिले में लूट, हत्या व अपहरण के कई मामले दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर मामले ऐसे थे, जिन्हें पुलिस इससे पहले ट्रेस नहीं कर पाई थी। 

आईजी स्पेशल टास्क फोर्स इंस्पेक्टर जीत सिंह बैनीवाल ने बताया कि आईजी हनीफ कुरैशी के निर्देश पर कार्रवाई की गई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तलवंडी राणा गांव के पास बदमाश लूट के प्लान से आए हैं। इंचार्ज जीत सिंह बैनीवाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में सब इंस्पेक्टर महेंद्र, एएसआई धर्मपाल,अशोक , नवदीप और हवलदार बिजेंद्र, जितेंद्र, नरेश व निजामुद्दीन शामिल थे। 
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इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में खरकड़ा निवासी मंजीत व अंकित, रोहनात निवासी सिकंदर, माजरा पियाऊ निवासी जगबीर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग का मुखिया गांव खरकड़ा निवासी मंदीप मौके से फरार हो गया। आरोपियों पर रोहतक में चार लूट और हत्या प्रयास के मामले दर्ज हैं।

हिसार में लूट, अपहरण, हत्या प्रयास के छह मुकदमे, भिवानी में पांच लूट के और जींद में एक पेट्रोल पंप पर तेल डलवाकर रुपये न देने का मामला दर्ज है। सभी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।  

पुलिस ने बताया कि आरोपी जगबीर पर हांसी में दो साल पहले नीतिश के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। उसने उससे चार लाख रुपये फिरौती ली थी। इस मामले में वह दो साल से पीओ घोषित था। इसके अलावा जगबीर पर, नारनौंद में जिस सर्राफा व्यापारी को गोली मारी गई है उसके घर में घुसने का पुराना मामला भी दर्ज है।

पुलिस ने बताया कि करीब तीन महीने पहले कैंप एरिया में आरोपी मंजीत ने चेतन नाम के युवक को गोली मारी थी। मामला अभी तक ट्रेस नहीं हो पाया था। जब इन्हें गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हुआ।

जगबीर को छोड़कर पकड़े गए तीनों आरोपियों ने 21 जून को खरकड़ा में ही मनु नाम के युवक को गोली मारी थी। इसके अलावा आरोपियों ने ट्रक चालकों को लूटने व अन्य कई वारदातों को अंजाम दिया।
 
पुलिस के अनुसार सिकंदर व जगबीर टिब्बा दानाशेर निवासी मंजीत मर्डर केस में मुख्य आरोपी कपिल के सहयोगी रहे हैं। दोनों आरोपियों ने डबवाली के पास नहर में शव को ठिकाने लगाने के लिए सहयोग किया था।

पुलिस का कहना है कि जो दस पिस्टल आरोपियों के पास मिले हैं, उनमें छह 315 बोर के, एक नाइन एमएम, एक 32 बोर व दो 12 बोर के पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 46 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
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