हिसार। सिविल सर्जन ने जिले में कम लिंगानुपात मिलने पर तीन सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) को नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से अधिकारियों से जवाब मांगा गया है कि संबंधित क्षेत्रों में लिंगानुपात कम रहने के क्या कारण हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीएचसी आर्य नगर के अधीन आने वाली पीएचसी गांवड़ का लिंगानुपात 775, सीएचसी सिसाय के अधीन पीएचसी सिसाय का 689 जबकि सीएचसी खांडा खेड़ी के अधीन पीएचसी खांडा खेड़ी का 624 और पीएचसी पुट्ठी समैण का लिंगानुपात 734 दर्ज किया गया है। इस प्रकार 25 पीएचसी में से दो का लिंगानुपात 800 से कम और दो का 700 से भी कम पाया गया।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार सीएचसी खांडा खेड़ी का औसत लिंगानुपात 864 रहा, जो जिले की एकमात्र ऐसी सीएचसी है, जहां औसत 900 से नीचे दर्ज किया गया। वहीं जिले का जनवरी से अप्रैल तक का औसत लिंगानुपात 964 रहा है।
लिंगानुपात बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
नोटिस में अधिकारियों से कम लिंगानुपात के कारण पूछने के साथ-साथ जागरूकता अभियान चलाकर स्थिति सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई बार रिपोर्टिंग में गड़बड़ी और कई बार अवैध गतिविधियां भी इसकी वजह बनती हैं।
सिविल सर्जन की ओर से तीन एसएमओ को नोटिस जारी कर कम लिंगानुपात पर जवाब मांगा गया है। साथ ही उन्हें लिंगानुपात बढ़ाने के लिए और प्रयास करने को कहा गया है।
- डॉ. अनामिका बिश्नोई, डिप्टी सिविल सर्जन।