हांसी। सेक्टर 6 में प्रॉपर्टी डीलर सुभाष मलिक की उनके ऑफिस में घुसकर हत्या मामले में बुधवार को भी पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगा। हालांकि पुलिस ने 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। वहीं, सुभाष के कार्यालय के पास लगे पांच सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। पुलिस ने मुख्य सड़क पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन उसमें भी कोई संदिग्ध चेहरा नजर नहीं आया।
पुलिस ने सादा वर्दी में पड़ोसियों से भी पूछताछ की, लेकिन हत्यारों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। डीएसपी विनोद शंकर ने बताया कि सुभाष मलिक के घर आने वाले दूधिये, डाकिये, स्कूल बस चालक, परिचालक और उनके साथ काम करने वालों से भी पूछताछ की जा चुकी है। लूट के लिए हत्या का एंगल भी कमजोर लगता है। सुभाष की सोने की चेन और अंगूठी गायब हैं, जबकि हाथ में पहना सोने का कड़ा सही सलामत है। परिजनों ने भी किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सुभाष के कार्यालय के सामने एक निजी स्कूल की बस सुबह करीब 8 बजे लगभग 15 मिनट के लिए रुकती थी। यह बस सेक्टर के बच्चों को एकत्रित करने के लिए रुकती थी। पुलिस ने बस चालक और परिचालक से भी पूछताछ की।
एक महीने पहले खरीदी थी 1 करोड़ की जमीन
डीएसपी विनोद शंकर ने बताया कि जांच में सामने आया कि सुभाष मलिक ने एक महीने पहले एक करोड़ रुपये में ढाई किले जमीन खरीदी थी। वह इस जमीन के लिए बयाना दे चुके थे और बाकी राशि अगस्त में जमाकर रजिस्ट्री करवाने वाले थे। हालांकि, पुलिस को इस लेन-देन में कोई विवाद नहीं नजर आया।
दान-पुण्य के प्रति समर्पण
बेटे अमन ने बताया कि पिता सुभाष दान-पुण्य करते रहते थे। घर के बाहर ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर भी लगवा रखा था और अक्सर जरूरतमंदों की मदद करते थे। दो साल पहले उन्होंने सेक्टर-6 के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में माया प्रॉपर्टीज नाम से कार्यालय खोला था।
पुलिस मामले में गंभीरता से छानबीन कर रही है। अभी तक किसी पर शक जाहिर नहीं हुआ है, लेकिन अपने स्तर पर पूछताछ कर रहे हैं। - विनोद शंकर, डीएसपी