हांसी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्कूल ठीक करो अभियान पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि स्कूल गांव की महत्वपूर्ण संस्था हैं। केवल राजनीति चमकाने के लिए यहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्कूलों में जाने वाले लोगों को सरपंच, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों और गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ समन्वय बनाकर जाना चाहिए। स्कूलों में प्रवेश को लेकर पाबंदी नहीं है लेकिन अप्रिय घटना की स्थिति से बचने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है।
एसडी महिला महाविद्यालय में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में ढांडा ने कहा कि स्कूलों की कमियों को उजागर करने के साथ उनके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रयास होने चाहिए। जींद में अभय चौटाला के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर दिए बयान पर ढांडा ने पलटवार किया कि मुख्यमंत्री को पंजाब की जनता का समर्थन और प्रेम मिल रहा है। चुनावी दौर में भाजपा के मुख्यमंत्री और कार्यकर्ताओं का पंजाब जाना उनका राजनीतिक अधिकार है। अभय को भाजपा और मुख्यमंत्री सैनी की लोकप्रियता से मिर्ची लग रही है। वरिष्ठ नेता होने के बावजूद अभय किसी के बारे में कुछ भी बोल देते हैं।
दावा-जल्द दूर होगी शिक्षकों की कमी
गैबीपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार को स्कूल के गेट पर ताला लगाने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहां शिक्षकों की कमी थी वहां अंतरिम व्यवस्था की गई है। न्यायालय ने कहा है कि स्थानांतरण नीति परिपक्व हो चुकी है और शिक्षकों को पूर्व पदस्थापना वाले स्थान पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग जल्द पूरी होगी। किसी गैर-कानूनी स्कूल के संचालन की शिकायत लिखित में देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
मारपीट या राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत
शिक्षा मंत्री ने छात्रों के आंदोलन पर कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और धरना-प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन किसी को भी पुलिसकर्मियों या मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट करने अथवा राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है।