हिसार। हिसार रोडवेज डिपो के करीब 750 चालक-परिचालकों के तीन साल से लंबित नाइट भत्ते के भुगतान को लेकर वीरवार को भी सहमति नहीं बन सकी। मांगों के लिए रोडवेज कर्मचारियों की साझा मोर्चा संघर्ष समिति और टीएम के बीच तीसरी बार वार्ता हुई लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का एलान कर दिया।
बैठक में नाइट भत्ता, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और पदोन्नति के मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। नाइट भत्ते के भुगतान के लिए मुख्यालय से अनुमति नहीं मिलने की बात कही गई।
हिसार डिपो रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजेंद्र चौहान ने बताया कि चालक-परिचालकों का पिछले तीन साल का नाइट भत्ता बकाया है। इसके भुगतान को लेकर पिछले एक सप्ताह में जीएम और टीम के साथ तीन दौर की बैठक हो चुकी है। वीरवार को रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल और टीएम ने स्पष्ट किया कि मुख्यालय से प्रति माह केवल 15-15 दिनों के नाइट भत्ते की अनुमति मिली है जबकि कर्मचारी 25-25 दिनों के हिसाब से भुगतान की मांग पर अड़े हैं।
साझा मोर्चा संघर्ष समिति और सभी यूनियनों ने निर्णय लिया है कि शुक्रवार से धरना शुरू किया जाएगा। यह धरना 17 मई तक चलेगा। इसके बाद 18 मई को जीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा जबकि 19 से 24 मई तक कर्मचारी भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वार्ता के दौरान प्रधान संदीप कुमार, अजय दुहन, नरेंद्र खरड़, शिवकुमार श्योराण, अरुण शर्मा और सुरेश सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।