पटेल नगर आरयूबी (रेलवे अंडर पास) की उत्तर-पश्चिम रेलवे ने ड्राइंग तैयार कर ली है। रेलवे ने इसका करीब 2 करोड़ 5 लाख 61 हजार रुपये का कॉस्ट एस्टिमेट बनाया है।
अब ग्रांट के लिए रेलवे ने नगर निगम को लिखा है। ग्रांट देने से पहले स्थानीय शहरी निकाय ने नगर निगम के माध्यम से रेलवे द्वारा तैयार की गई ड्राइंग और एस्टिमेट कॉस्ट की प्रति की मांग की है। इस एस्टिमेट और ड्राइंग को आधार बनाकर नगर निगम स्थानीय शहरी निकाय मंत्रालय से ग्रांट की मांग करेगा। नगर निगम ने इसको लेकर दक्षिण-उत्तर-पश्चिम रेलवे मंडल को पत्र भेजकर एस्टिमेट की कॉपी मांगी है।
चार मीटर लंबा, तीन मीटर चौड़ा बॉक्स टाइप बनेगा आरयूबी
रेलवे ने जो ड्राइंग बनाई है, उसके आधार पर आरयूबी तीन मीटर चौड़ा और चार मीटर लंबा बनेेगा। यह बॉक्स के आकार का होगा। आरसीसी से बनेगा। निगम को भेजे गए लेटर में हालांकि रेलवे ने इस तरह की डिटेल का हवाला तो जरूर दिया है, लेकिन इसकी पूरी डिटेल और ड्राइंग नहीं भेजी।
कई सेक्टरों के लोगों को होगा फायदा
पटेल नगर आरयूबी बनने से शहर की करीब 40 हजार की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। इससे जुड़ी कई कॉलोनी, कई सेक्टर के निवासियों को फायदा होगा। इसमें विशेषकर सेक्टर 15, सेक्टर 16-17, सेक्टर 13-13 पार्ट टू के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सूर्य नगर आरयूबी के लिए भी उठ रही है मांग
पटेल नगर के आरयूबी की घोषणा होने के बाद से सूर्य नगर के फाटक पर भी आरयूबी और आरओबी बनाने की मांग उठने लगी है। सूर्य नगर फाटक पर भी हिसार-दिल्ली रेलवे ट्रैक और दूसरे फाटक पर हिसार-लुधियाना ट्रैक होने के कारण बार-बार वाहन बाधित होते हैं। फाटक बंद होने के चलते अक्सर वहां लंबा जाम लग जाता है। इन दोनों फाटक पर आरयूबी या आरओबी बनने से आधे शहर व कई गांवों को फायदा होगा। इमरजेंसी में यह रोड एक बडे़ वैकल्पिक रास्ते के रूप में भी यूज हो रहा है।
रेलवे बीकानेर मंडल ने पटेल नगर आरयूबी के लिए करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का कॉस्ट एस्टिमेट बनाया है। हम यह राशि स्थानीय शहरी निकाय से मांगेंगे। इसके लिए एस्टिमेट कॉस्ट और ड्राइंग की प्रति जरूरी है। इनकी प्रति रेलवे से मंगवाने के लिए लेटर भेजा गया है। यह आते ही आरयूबी में आने वाले खर्च की राशि की मांग की जाएगी।
- रामजीलाल, एक्सईएन नगर निगम हिसार