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Haryana: 2026 से पहले बनेगी नई विधानसभा, पूरी तरह होगी पेपरलैस, 50 करोड़ रुपये का बजट तय

Sun, 05 Mar 2023 10:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

नई विधानसभा के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। कमेटियों के चेयरमैन, मंत्रियों के लिए कक्ष बनेंगे। सीएम मनोहरलाल की अध्यक्षता में यह काम पूरा कराया जाएगा।
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डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा से बातचीत की। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आने वाले दो से तीन साल में हरियाणा की विधानसभा पूरी तरह से पेपरलैस हो जाएगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर काम चल रहा है। विधानसभा के नए भवन को लेकर जमीन की तलाश की जा रही है। सीएम मनोहरलाल की अध्यक्षता में यह काम पूरा कराया जाएगा। वर्ष 2026 में परिसीमन होगा। इसके बाद हरियाणा में विधायकों की संख्या बढ़ेगी। इनके बैठने के लिए हमें अधिक जगह की जरूरत होगी। अभी हमारे पास पूरे 90 विधायक बैठाने की ही क्षमता है। चेयरमैन, मंत्रियों के लिए भी अलग कक्ष की जगह नहीं है।

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नई विधानसभा में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। नया भवन आधुनिक होगा। इसके लिए हमने बजट में 50 करोड़ रुपये रखे हैं। डिजिटल विधानसभा के लिए खुद का यूट्यूब चैनल भी शुरू करने पर विचार जा रहा है, जिससे पूरी कार्रवाई देखी जा सकेगी। यह अपने आप में बड़ा बदलाव होगा। अमर उजाला संवाददाता सुरेंद्र दलाल ने प्रदेश के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा से बातचीत की। इसमें डिप्टी स्पीकर ने हरियाणा की नई विधानसभा काे लेकर जानकारी दी। साथ ही राजनीतिक पहलुओं पर भी खुलकर अपना अपना पक्ष रखा।

सवाल : अभी विधानसभा में इनेलो विधायक अभय चौटाला ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, उसे कैसे देखते हैं?
डिप्टी स्पीकर : विधानसभा की एक गरिमा होती है। वहां पहुंचने वाला एक व्यक्ति नहीं होता है वह लाखों लोगों की आवाज होता है। उसका व्यवहार गरिमापूर्ण होना चाहिए। विधानसभा में विरोध करने का एक तरीका होता है। किसी भी सदस्य को अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। विरोध जरूर करें लेकिन वह तथ्यों व तर्क पर आधारित होना चाहिए।
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सवाल : आप इनेलो छोड़कर भाजपा में आए तो अपने पद से संतुष्ट हैं?
डिप्टी स्पीकर : प्रदेश में 90 विधायक बनते हैं। मंत्री के पद चुनिंदा ही होते हैं, उसमें स्पीकर, डिप्टी स्पीकर का पद भी है। सभी पदों का अपना महत्व है। अगर यह पद नहीं होता तो भी मैं अपने क्षेत्र के कार्य कराता। अब भी अपने क्षेत्र के कार्याें के लिए प्रयासरत रहता हूं। डिप्टी स्पीकर के पद को पूरी निष्ठा के साथ निभाने के लिए प्रयास रहता है।

सवाल : सरपंचों के विरोध को कैसे देखते हैं?
डिप्टी स्पीकर : मेरी कई बार सरपंचों से बात हुई है। सरकार पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर का प्रस्ताव लाई है। इसमें भी काम सरपंच के प्रस्ताव करने पर ही होंगे। भ्रष्टाचार की शिकायतें कम हो जाएंगी। सरपंचों पर भी आरोप नहीं लगेंगे। विपक्ष के बहकावे में आए कुछ लोग सरपंचों को बरगला रहे हैं। सीएम मनोहरलाल इस मुद्दे पर बात करने को तैयार हैं।

सवाल : आप पिछड़े वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं, केश कला बोर्ड, माटी कला बोर्ड के पद क्यों नहीं भरे जा रहे?
डिप्टी स्पीकर : गठबंधन में कुछ फैसले दोनों की सहमति से लेने पड़ते हैं। सरकार ने पिछड़े वर्ग के लिए पंचायतों राज में 8 प्रतिशत आरक्षण देकर बहुत बड़ा काम किया है। अब पिछली सरकाराें की तरह से पिछड़े वर्ग के पद खाली नहीं छोड़े जा रहे। केश कला बोर्ड, माटी कला बोर्ड के पद भी जल्द ही भरे जाएंगे।

सवाल : अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए कितने प्रोजेक्ट लाए?
डिप्टी स्पीकर : दो माह बाद मेरे विधानसभा क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। शहरी एरिया में 15 करोड़ से दो नए जलघर बने। गांवों में भी 50 करोड़ से अधिक को कम चल रहे हैं। कॉलेज के लिए 30 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। आरओबी, आरयूबी, अंडरपास पर भी 100 करोड़ रुपये के काम पूरे हो गए हैं। कुछ काम चल रहे हैं। सिंचाई के पानी की कमी को पूरा कराने के लिए भी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

सवाल : इनेलो के बाद अब भाजपा में आए दोनों पार्टी में कितना अंतर देखते हैं?
डिप्टी स्पीकर : हमने 20 साल इंडियन नेशनल लोकदल को दिए। इनेलो को अपने खून पसीने से सींचा। इनेलो ने भी पूरा सम्मान दिया। पार्टी की टूट के बाद हालात ऐसे बने की पार्टी छोड़ें या राजनीति। पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहरलाल के कार्याें से प्रभावित होकर भाजपा में आया। दोनों पार्टी का काम करने का अपना-अपना तरीका है।भाजपा में हर वर्ग की सुनवाई होती है।

सवाल : आप पंच से लेकर राज्यसभा सदस्य तक रहे चुके, अब अगला चुनाव लोकसभा लड़ेंगे या विधानसभा?
डिप्टी स्पीकर : भाजपा एक अनुशासित दल है। जिसमें हर एक व्यक्ति कार्यकर्ता के तौर पर काम करता है। मेरी इच्छा कोई मायने नहीं रखती। पार्टी संगठन का जो भी आदेश होगा, वही चुनाव लड़ेंगे। अपने क्षेत्र के लिए कार्यकर्ता के तौर पर हमेशा काम करता रहूंगा।

सवाल : लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की तैयारी चल रही है क्या ?
डिप्टी स्पीकर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक में इस तरह के संकेत दिए थे। हमारा संगठन 24 घंटे के नोटिस पर चुनाव लड़ने को तैयार है। अगर साथ चुनाव होंगे तो भी तैयार हैं। अगर अलग साल चुनाव होंगे तो भी लड़ने को तैयार हैं। गुजरात मॉडल पर प्रदेश में पन्ना प्रमुख बनाने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है।

सवाल : नई विधानसभा कब तक तैयार होगी?
डिप्टी स्पीकर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को प्रस्ताव भेजा हुआ है। उनकी अनुमति के बाद इस पर काम शुरू कर देंगे। जमीन तय हो चुकी है। 2026 में परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए हमें अधिक जगह की जरूरत होगी। वर्तमान विधानसभा में इतनी जगह उपलब्ध नहीं है। नई विधानसभा आधुनिक होगी, जो पूरी तरह से डिजिटल रहेगी। विभिन्न कमेटी के चेयरमैन, मंत्रियों के बैठने के लिए स्थान उपलब्ध कराएंगे।

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