तहसील कार्यालय में रात करीब 9 बजे रजिस्ट्री के लिए कतार में खड़े लोग।
हिसार। एक दिसंबर से नए कलेक्टर रेट लागू होंगे। नए कलेक्टर रेट में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है। इसी को देखते हुए आखिरी दिन शुक्रवार को तहसील कार्यालय में देर रात तक रजिस्ट्रियां होती रहीं। यही नहीं इस दौरान लोगों ने तत्काल सेवा के तहत 25 हजार रुपये का टोकन लेकर रजिस्ट्री करवाई।
बता दें कि इस बार आचार संहिता के कारण एक अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू नहीं हो सके थे। अब सरकार ने एक दिसंबर से नए कलेक्टर रेट लागू होने की घोषणा कर दी। इससे एक दिसंबर के बाद से रजिस्ट्री करवाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
सुबह कार्यालय खुलते ही एक से दो घंटे में कट गए टोकन
शुक्रवार को जैसे ही तहसील कार्यालय खुला तो रजिस्ट्री करवाने के लिए कार्यालय में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जो टोकन सामान्य दिनों में दोपहर तक कटते थे, वो एक से दो घंटे में ही पूरे हो गए। शाम 5 बजे तक एसडीएम, डीआरओ व तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री का कार्य चलता रहा। मगर 5 बजे के बाद एसडीएम व डीआरओ कार्यालय पर ताला लटक गया और जिन लोगों की रजिस्ट्री नहीं हुई थे, उनके टोकन तहसील कार्यालय में ट्रांसफर कर दिए गए। हालात यह रहे कि रात साढ़े 9 बजे भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने के लिए करीब 50 लोग मौजूद रहे।
25 हजार रुपये का टोकन लेकर करवाई रजिस्ट्री
सामान्य टोकन का कोटा पूरा होने के कारण लोगों को तत्काल सेवा के तहत 25 हजार रुपये में टोकन लेकर रजिस्ट्री करवानी पड़ी। मुल्तानी चौक निवासी अशोक ने बताया कि वह अपने मामा के बेटे की रजिस्ट्री करवाने तहसील कार्यालय दोपहर करीब 12 बजे गए थे। मगर तब तक टोकन का कोटा पूरा हो चुका है। एक वकील के सुझाव पर उन्होंने 25 हजार रुपये में तत्काल सेवा के तहत टोकन लिया। मगर शाम साढ़े 4 बजे एसडीएम कार्यालय ने उनका टोकन तहसील में ट्रांसफर कर दिया। जब तहसील कार्यालय में आए तो शाम करीब साढ़े 7 बजे उन्हें तहसील कार्यालय ने जवाब दिया कि उनकी रजिस्ट्री एसडीएम कार्यालय में ही होगी। हालांकि बाद में उनकी रजिस्ट्री कर दी गई। अगर यह रजिस्ट्री एक दिसंबर के बाद होती तो उन्हें करीब 10 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ते।