बाढड़ा। राजस्थान पुलिस ने वहां के पिलानी में 21 जनवरी को हुई बाढड़ा के गांव डांडमा निवासी रतन सिंह की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार रतन सिंह हत्याकांड में गवाह और मृतक का भांजा सचिन भी शामिल था। उसे पुलिस ने काबू कर लिया है जबकि मुख्य आरोपी एवं मृतक के भतीजे अंकित उर्फ धोलिया की धरपकड़ के लिए पुलिस की दबिश जारी है।
राजस्थान पुलिस ने साइबर सेल की मदद से व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के आधार पर हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज करवाने वाले शिकायतकर्ता भांजे सचिन को गिरफ्तार भी किया है। आरोप है कि उसने ममेरे भाई के साथ मिलकर अपने सगे मामा की हत्या का षड्यंत्र रचा था। उससे मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस अब मृतक रतन सिंह के आरोपी भतीजे की तलाश में लगातार बाढड़ा क्षेत्र में संभावित स्थानों पर छापे मार रही है।
सचिन ने अंकित को बुलाया था अपने मकान पर
गत 21 जनवरी की रात पिलानी में डांडमा निवासी रतन सिंह की हत्या के मामले में राजस्थान पुलिस ने उसके भांजे को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के मुताबिक रतन सिंह की हत्या उसके सगे भतीजे अंकित उर्फ धोलिया ने की थी। इसकी साजिश में भांजा सचिन भी शामिल था। उसी ने आरोपियों को अपने मकान पर बुलाया था और यह जानकारी दी थी कि मामा उसके साथ है।
- आरोपी भांजा और भतीजे को चरित्र पर भी था शक
हत्या के पीछे संपत्ति विवाद के साथ चरित्र पर शक भी था। पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल भांजे रावतसर कुंजला चुरू निवासी सचिन महला को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी नारायण सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रावतसर कुंजला चुरू निवासी सचिन महला पिलानी में धीधवा सर्किल के पास किराये के मकान में रहता है। थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि फायरिंग करने के आरोपी अंकित उर्फ धोलिया व सचिन को रतन सिंह के चरित्र पर शक था।
हत्या से चंद घंटे पहले होटल में शराब पिलाई और अपने फ्लैट पर रखा।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सचिन महला हत्यारों के संपर्क में था। रविवार रात को वह अपने मामा रतन सिंह की हत्या कराने में मददगार रहा। उसने साजिश के तहत 21 जनवरी की रात को रतन सिंह को होटल में ले जाकर शराब पिलाई व खाना खिलाया। इस मामले में साजिश में शामिल सचिन ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि उस समय फ्लैट की सीढि़यों का दरवाजा खुला था। कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद नहीं था। ठंड के मौसम में दोनों दरवाजे खुले रखने पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने साइबर तकनीक से घटना के समय सक्रिय मोबाइल की जांच की तो सचिन पर शक हुआ। उसके मोबाइल को खंगाला तो व्हाट्सएप पर उसके आरोपी से हुई चैट मिल गई। उसने लोकेशन भी भेजी थी।