हिसार। नागरिक अस्पताल के शवगृह में व्यवस्थाओं की लापरवाही एक बार फिर देखने को मिली है। सोमवार शाम एक युवक के शव को फ्रिजर में रखने पहुंचे परिजनों ने जब फ्रिजर का दरवाजा खोला तो उसके भीतर कीड़े रेंगते देख भड़क गए। परिजनों ने शव को इस गंदे और फ्रिजर में रखने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीन घंटे तक हंगामा किया। इसके बाद शव को दूसरे कमरे में रखवाया गया। अस्पताल की ऐसी लापरवाही पहले भी सामने आ चुकी है।
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद में 18 वर्षीय कर्ण सिंह सोमवार को फतेहाबाद-भूना रोड पर हुए हादसे में गंभीर रुप से घायल हो गए थे। कर्ण सिंह बाइक पर सवार होकर जा रहा था तो अज्ञात गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी थी। परिजनों ने उसे पहले फतेहाबाद तथा बाद में हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। निजी अस्पताल में कर्ण सिंह की मौत हो गई। इसके बाद
शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन शाम 5 बजे के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया बंद होने के कारण चिकित्सकों ने शव को फ्रिजर में रखने को कहा। परिजन जब शव रखने पहुंचे तो देखा कि फ्रिजर में भारी संख्या में कीड़े रेंग रहे थे। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते शवगृह की सफाई नहीं होती, जिससे शवों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार हो रहा है। परिजनों ने कहा कि वे अपने बेटे के शव का इस तरह से अपमान नहीं होने देंगे। हंगामे के बाद जब फ्रिजर को साफ कराया गया तो उसमें करंट आने लगा, जिससे परिजनों में और आक्रोश फैल गया।
चूहों ने कुतरा था शव
इसी साल जनवरी महीने की 12 तारीख को नारनौंद क्षेत्र के राजपुरा निवासी 40 वर्षीय महेंद्र की जेल में मौत हो गई थी। शव को शवगृह के सामने बने एक कमरे में रखे डीप फ्रिज में रखवा दिया गया था। अगले दिन सुबह महेंद्र के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के लिए शव को डीप फ्रीज से बाहर निकाला तो देखा शव को जगह-जगह से चूहों ने कुतर रखा था। जिसको लेकर परिजनों ने विरोध जताया। मामला मीडिया में आया तो फ्रिजर को रिपेयर कराया गया था।