हिसार। एडीजे सुनील जिदंल की अदालत ने पंजाब के लुधियाना निवासी महिला से नीमा (नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) के तत्कालीन जिला प्रधान डॉ. अशोक यादव द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत दोषी करार दिए गए डॉ. अशोक यादव की सजा पर 29 फरवरी को फैसला सुनाएगी। इस संबंध में 13 सितंबर 2022 को महिला थाना पुलिस ने दुष्कर्म, कुकर्म और षडयंत्र रचने का केस दर्ज किया था।
फोन कर कैंप चौक पर बुलाया था
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि एक साल से मैं एक दवा की कंपनी में एमआर हूं। पंजाब और हरियाणा में मार्केटिंग करती हूं। 2022 फरवरी और मार्च महीने में हिसार आई थी। इस दौरान जवाहर नगर स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल गई। वहां पर डॉ. अशोक यादव से फोन पर बात हुई। उन्होंने अपने अस्पताल बुलाया और कहा कि मैं यहां का प्रधान हूं। तुम्हारे सारे प्रोडक्ट्स बिकवा दूंगा। उसके बाद कंपनी के प्रोडक्ट्स बिकने लगे। 30 अगस्त को डॉ. अशोक यादव का फोन आया और कहा कि 31 अगस्त को हिसार आ जाना तुम्हारे कंपनी के प्रोडक्ट्स के बारे में बातचीत करनी है। जब शहर आई तो उन्होंने मुझे कैंप चौक के पास बुलाया। इसके बाद मुझे कार में बैठा कर सरकारी रेस्टोरेंट में ले गया। वहां पर कुछ देर बात की। उसने कहा कि मेरे कई बड़े अधिकारी दोस्त हैं, तेरी सरकारी नौकरी लगवा दूंगा। इस दौरान उसका एक साथी आया और प्रोडक्ट्स के बारे में बातचीत की। इस दौरान मेरे लिए कमरा बुक कर दिया गया। रात 8 बजे डॉ. अशोक यादव कमरे में आया और वेटर से दो बीयर मंगवाई।
आरोपी ने मुझे पानी पिलाया, जिसके बाद अर्ध बेहोशी की हालत में चली गई। आरोप है कि डॉ. यादव ने मेरे साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन शोषण किया। देर रात को वह वहां से चला गया। जब मुझे होश आया तो अपनी सहेली के घर चली गई। अब डॉ. अशोक यादव मुझे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। उक्त मामले में महिला थाना पुलिस ने डॉ. अशोक यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। उक्त मामले में अदालत ने आरोपी डॉ. अशोक यादव को दोषी करार दिया है।