हिसार। बीकानेर में हुई मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में हिसार क्षेत्र की रेल सुविधाओं और यातायात से जुड़े 30 प्रस्ताव रखे गए। इनमें हांसी-हिसार रेलखंड का दोहरीकरण, हिसार स्टेशन का विस्तार, नई ट्रेनों का संचालन और मौजूदा सेवाओं के विस्तार जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल रहे।
प्रस्ताव में बताया गया कि भिवानी-हिसार-बठिंडा रेलखंड पर कोचिंग और मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। यह सेक्शन अपनी क्षमता से करीब 120 प्रतिशत अधिक पर संचालित हो रहा है। इससे ट्रैक रखरखाव के लिए आवश्यक ब्लॉक तक नहीं मिल पा रहे हैं।
हांसी-हिसार रेलखंड की उपयोग क्षमता 40 जीएमटी से अधिक बताते हुए पिछले पांच वर्षों से केवल सर्वे होने पर सवाल उठाया गया। सातरोड-चिड़ौद रेल बाईपास की स्थिति स्पष्ट करने और सातरोड-हिसार के बीच स्वीकृत अस्थायी रेल लिंक का काम जल्द शुरू करने की मांग की गई।
स्टेशन विकास पर दिया जोर
हिसार स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, रैंप और अतिरिक्त रेल लाइन विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। नयोली कलां हाल्ट को क्रॉसिंग स्टेशन बनाने की मांग भी की गई, ताकि हिसार जंक्शन पर ट्रेनों का इंतजार कम हो।
रेल यात्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं डीआरयूसीसी सदस्य आकाश ने बताया कि सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। रेल मंडल अधिकारियों ने प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। इससे एसोसिएशन को मांगें पूरी होने की उम्मीद बढ़ी है।
नई ट्रेनों और मौजूदा सेवाओं के विस्तार की मांग
- हिसार-वलसाड स्पेशल को दोबारा चलाकर नियमित करना।
- बंगलूरू, चेन्नई और रामेश्वरम के लिए नई ट्रेनें शुरू करना।
- हिसार-जयपुर सेवा का श्रीगंगानगर तक विस्तार।
- हिसार-दिल्ली पैसेंजर को एक्सप्रेस में बदलकर एसी कोच देना।
- हिसार से मंडल व जोनल मुख्यालय के लिए सुपरफास्ट इंटरसिटी चलाना।
- पंजाब की ओर रेल सेवाएं बढ़ाना।
- समपार फाटक स्पेशल-91 पर आरओबी या आरयूबी का निर्माण करना।