संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही अस्पतालों में आंखों में एलर्जी व आई-फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 15 से अधिक केस आ रहे हैं। खास बात है कि मरीजों में 20 से 35 उम्र के युवाओं की संख्या अधिक है।
चिकित्सक के अनुसार इसका मुख्य कारण यह है कि युवा लोगों से अधिक मिलते हैं, हाथ मिलाने और फिर आंखें मसलने से संक्रमण बढ़ रहा है। बेहतर होगा कि इस मौसम में हाथ मिलाने से बचें। उन्होंने कहा कि धूल व धुएं के कारण आंखों में जलन बढ़ रही है।
नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुलशन मेहता का कहना है कि इन दिनों हवा में नमी है, जिस कारण पराली व प्रदूषण का धुआं मिश्रण होने के बाद ऊपर नहीं जा पा रहा है, जिस कारण नीचे वातावरण में मिश्रण होने से आंखों में जलन बढ़ रही है। चिकित्सकों की मानें तो सुबह 5 से 7 बजे के बीच स्मॉग फैलने के कारण विजुएलटी कम रहती है, जिस कारण आंखों पर जोर पड़ता है। साथ ही कोर्निया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से एलर्जी-संक्रमण व आई-फ्लू का खतरा मंडराने लगता है।
एलर्जी व संक्रमण के बीच लक्षण के अंतर हो ऐसे समझें : इसमें आंखों में लाली, खुजली, पानी गिरना व जलन होती है जबकि संक्रमण में आंखें चिपकना, गंदगी फैलना, आंखों में रड़क व लाली आना भी है। आई-फ्लू से ग्रस्त आंखों में वायरल तेजी से फैलता है अर्थात समय के साथ नेत्र संबंधित संक्रमण में भी इजाफा होता रहता है।