तीन जनवरी को प्रधानमंत्री हरियाणा में चार परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें दो परियोजनाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की है।
यह जानकारी कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दी। दीपेंद्र मंगलवार को गांव जसौर खेड़ी में समारोह स्थल के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तीन जनवरी को बहादुरगढ़ के साथ लगते गांव जसौर खेड़ी में राष्ट्रीय कैंसर अस्पताल और परमाणु अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखेंगे।
710 बेड का राष्ट्रीय कैंसर अस्पताल सरकारी क्षेत्र में देश का पहला अस्पताल होगा और विश्व के बड़े अस्पतालों में एक होगा। इस पर करीब 2035 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
कैंसर अस्पताल को हरियाणा में लाने के लिए सांसद दीपेंद्र हुड्डा लंबे समय से प्रयासरत थे। देश का कैंसर अस्पताल झज्जर के बाढ़सा स्थित एम्स-2 में स्थापित किया जाएगा। 45 महीने की अवधि में बनने वाला राष्ट्रीय स्तर का यह अस्पताल कैंसर रोग के इलाज और नवीनतम अनुसंधान में देश का सबसे बड़ा अस्पताल होगा।
दीपेंद्र ने कहा अब तक देश में कैंसर से संबंधित बड़ा अस्पताल टाटा मैमोरियल इंस्टीट्यूट मुंबई में ही है। यह संस्थान टाटा ग्रुप एवं सरकार के सहयोग सेे कैंसर के इलाज व अनुसंधान के क्षेत्र में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रदेश से जुड़ी दो अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी इसी दिन रखेंगे। एक ही दिन में प्रदेश को करीब 3 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात मिलेगी।
दीपेंद्र ने शांतिपूर्ण कार्यों में आण्विक ऊर्जा के उपयोग के लिए तीन जनवरी को महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप के आधारशिला कार्यक्रम के जरिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दुनिया में एक नई शुरुआत होने जा रही है। विश्वस्तर के इस अनुसंधान केंद्र के साथ ही न केवल बहादुरगढ़ बल्कि पूरे हरियाणा का नाम अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर आ गया है। सांसद दीपेंद्र ने कहा कि दुनिया में न्यूक्लियर साइंस आधारित अध्ययन की पहली यूनिवर्सिटी होगी।
सांसद ने बताया कि इस केंद्र में कॉलेज ऑफ एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी सिस्टम स्टडीज (सीएएनईएसएस), कॉलेज ऑफ न्यूक्लियर सिक्योरिटी स्टडीज (सीएनएसएस), कॉलेज ऑन रेडियोलॉजिकल सेफ्टी स्टडीज (सीआरएसएस), कॉलेज ऑफ न्यूक्लियर मैटीरियल कैरेक्टराइजेशन स्टडीज (सीएनएमसीएस), कॉलेज फोर स्टडीज ऑन एप्लीकेशन्स ऑफ रेडियोस्टोप्स एंड रेडिएशन टेक्नोलोजिस (एसएआरआरटी) जैसे संस्थान खुलेंगे।
आण्विक ऊर्जा के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन व प्रयोग से संबंधित शोध व अनुसंधान होंगे। पिछले दिनों अमेरिका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह इसकी घोषणा भी कर चुके हैं। करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से करीब 225 एकड़ में यह केंद्र बनेगा।
भारत सरकार का दुनिया के जिन देशों के साथ परमाणु समझौता है उन देशों के वैज्ञानिक इस केंद्र में अनुसंधान का काम कर सकेंगे। इनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के समझौते से जुड़े देशों के वैज्ञानिक शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के चालू होने के बाद देश-विदेश के सैकड़ों वैज्ञानिक इस केंद्र में हमेशा मौजूद रहेंगे ,जो देश के साथ हरियाणा के लिए भी गौरव की बात होगी।
सांसद के साथ मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह और उपायुक्त अजित बालाजी जोशी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह गांव जसौर खेड़ी से ही 244 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहादुरगढ़-गुड़गांव वाया चंदू-बादली रोड की भी आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री गांव जसौर खेड़ी में ही बनने वाले गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज की भी आधारशिला भी रखेंगे।