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Hisar News: गैरहाजिर रहे जाट कॉलेज के 2 हजार विद्यार्थियों का काटा नाम, हंगामा

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हिसार। सीआरएम जाट कॉलेज में शैक्षणिक स्तर 2022-23 सत्र में कक्षा में गैरहाजिर रहने वाले करीब 2000 से अधिक विद्यार्थियों का नाम काट दिया है। अब दोबारा नाम लिखवाने के नाम पर विद्यार्थियों को 500 रुपये फीस जमा करानी होगी। हजारों की संख्या में नाम काटे जाने की लिस्ट देखकर बुधवार को छात्र भड़क गए और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कहा कि उनको एक चांस देकर निशुल्क नाम लिखा जाए।
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प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता सुमित सिल्क ने बताया कि नाम काटने के लिए विद्यार्थियों को कोई नोटिस नहीं दिया गया। बिना नोटिस के उनका नाम भी काटा गया है। प्राचार्य डॉ. नीलम लांबा का कहना है कि बेहद कम हाजिरी है उनके नाम काटे गए हैं। बुधवार को जब कॉलेज विद्यार्थी सुबह-सुबह कक्षा लगाने पहुंचे तो नोटिस बोर्ड पर अपने कटे हुए नामों की लिस्ट देखी। सूची देखते ही छात्र कॉलेज के लाइन में इकट्ठा हो गए। विद्यार्थियों ने बगैर को नोटिस दिए नाम काटने का विरोध जताया। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों विद्यार्थी कॉलेज गेट के सामने एकत्रित होकर दोबारा नाम लिखवाने के लिए प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नीलम लांबा भी विद्यार्थियों के बीच में पहुंच गई। प्राचार्य ने कहा कि नाम कटने के बाद दोबारा निशुल्क नाम लिखने का कोई रोल नहीं है। अगर निशुल्क नाम लिखने का कोई रूल है तो उसको फॉलो किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों व कॉलेज प्राचार्य के बीच काफी देर तक बहस हुई।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वार्ड 14 के नगर पार्षद अमित ग्रोवर भी जाट कॉलेज में पहुंचे। पार्षद अमित ग्रोवर ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिलाया कि वह जाट शिक्षण संस्थान मैनेजमेंट कमेटी से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कराएंगे। अमित ग्रोवर के बात करने के बाद जाट संस्था के सदस्य हर्ष बामल भी मौके पर पहुंचकर छात्रों की बात को सुना और समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने जाट शिक्षण संस्थान मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान अजमेर ढांडा से भी बातचीत की। कार्यकारिणी सदस्य एडवाेकेट योगेश सिहाग ने कहा कि बिना नोटिस नाम नहीं काटे जाने चाहिए थे। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कम से काफी फीस ली जाए।
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शैक्षणिक सत्र के दौरान जिन विद्यार्थियों की हाजिरी नाममात्र रही है, नियमानुसार उन्हीं विद्यार्थियों के ही नाम काटे गए हैं। री-एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को 500 रुपये फीस देनी होगी। विद्यार्थी मांग कर रहे हैं कि उनका निशुल्क दोबारा नाम लिखा जाए। अगर ऐसा कोई रूल है तो हम एडमिशन निशुल्क भी कर देंगे। - डॉ. नीलम लांबा, प्राचार्य सीआरएम जाट कॉलेज हिसार
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