नगर निगम के बाबुओं ने कमरों में छिपा कर रखे हाउस टैक्स बिलों के कट्टे रातों रात निगम से गायब कर दिए। कर्मचारियों ने ये बिल के कट्टे अब पार्षदों के घरों में डलवा दिए हैं। हालांकि कई पार्षदों ने अपने घरों में प्रॉपर्टी बिलों के कट्टे गिराने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे अपने घरों में बिल नहीं रखवाएंगे। निगम कर्मचारियों की ड्यूटी है कि वे बिल बांटें अगर उन्हें कहीं दिक्कत है तो पार्षद आधी रात को हेल्प करने के लिए तैयार हैं। लेकिन ऐसा नहीं कि वे कर्मचारियों का बिल न बांटने में साथ दे देंगे।
सोमवार देरशाम को एक्सईएन कार्यालय में बैठे अधीक्षक कैलाश चंद्र के पास किसी का फोन आया। फोन आते ही उन्होंने एक्सईएन रामजीलाल व कमिश्नर पीए समयपाल को कहा कि सर मीडिया को पता चल गया। टैक्स बिलों के कट्टे 19 नंबर रूम में छिपा रखे हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि अब क्या हो सकता है। अधीक्षक सीधे नीचे दौड़कर आया और रातोंरात ही उन बिलों को वहां से उठवाकर कहीं और रखवा दिए।
मेरे घर टैक्स बिलों के कट्टे भरकर आए हैं। खुद बिल बांट रहा हूं। सुबह ही कर्मचारी टैक्स बिल के कट्टे रख गए हैं।
- उदयवीर मिंटू, पार्षद
मेरे घर प्रॉपर्टी टैक्स बिल के कट्टे रखने के लिए आए थे। मैंने साफ मना कर दिया। मेयर मैडम ने भी साफ कहा है कि बिल रखवाने नहीं है। शहर की जनता तक बिल पहुंचने चाहिए ये कर्मचारियों की ड्यूटी है। वे बिल तुरंत प्रभाव से लोगों तक पहुंचा सकें ताकि निगम को आमदन हो।
- सतीश मेहरा, पार्षद प्रतिनिधि
मेरे वार्ड में तो बिल ही नहीं बांटे जा रहे। लोगों की डिमांड पर मैं खुद बिल निकलवाकर लोगों तक पहुंचा रहा हूं। निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की नियत में खोट है। वे पैसा जमा ही नहीं करवाना चाहते।
- नरेंद्र शर्मा, पार्षद