दो अनुबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर हटाने के बाद सोमवार को नगर निगम कार्यालय में बवाल हो गया। अपने दो साथियों की नौकरी जाती देखकर अन्य कर्मचारी भी कामकाज छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए। नगरपालिका कर्मचारी संघ (यूनियन) के प्रधान प्रवीन कुमार ने इन हड़ताली कर्मचारियों का नेतृत्व किया। चार पार्षदों को साथ लेकर इस मामले में निगम के ईओ हरदीप सिंह से मिलने गए यूनियन प्रधान की उनके साथ काफी देर तक गहमागहमी हुई। ईओ ने स्पष्ट कहा कि वह हटाए गए दोनों कर्मचारियों को ज्वाइन नहीं करवाएंगे। जब मान-मनुहार से ईओ नहीं माने तो यूनियन प्रधान ने चेतावनी दे दी कि दोनों कर्मचारियों की ज्वाइनिंग होगी, तभी निगम कार्यालय खुलेगा, वरना हम ताला जड़कर बैठेंगे। देर शाम तक भी मामले का समाधान नहीं हो सका।
यह था पूरा मामला
दरअसल, निगम प्रशासन ने दो अनुबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को यह कहकर हटा दिया कि दोनों बताया गया काम नहीं करते और ड्यूटी को लेकर मनमर्जी चलाते हैं। जैसे ही सुबह कर्मचारी कार्यालय आए तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। इसके बाद यूनियन प्रधान को सूचना दी गई। करीब 10 बजे सभी कर्मचारी अपनी-अपनी ब्रांचों से बाहर निकलकर हड़ताल करते हुए धरने पर बैठ गए।
पहले डीएमसी से की फरियाद
वार्ड 3 के पार्षद पंकज दीवान, वार्ड 5 के पार्षद प्रतिनिधि भीम महाजन, वार्ड 17 के पार्षद महेंद्र जुनेजा को साथ लेकर यूनियन प्रधान प्रवीन कुमार व अन्य पदाधिकारी पहले डीएमसी डॉ. प्रदीप हुड्डा से मिलने गए। डीएमसी के सामने उन्होंने दोनों कर्मचारियों से हुई किसी भी गलती के लिए माफी मांगी और उन्हें नौकरी पर रखने की मांग की। डीएमसी ने उन्हें बताया कि दोनों कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। दिया गया काम करने में आनाकानी करते हैं और जहां ड्यूटी लगाई जाती है, वहां काम करना पसंद नहीं करते। ऐसे कर्मचारियों को रखने का क्या फायदा। इसके बाद पार्षदों ने भी डीएमसी से आग्रह किया तो उन्होंने ईओ से मिलने के लिए कहा।
ईओ बोले, मनमर्जी से आ चुके हैं तंग
इसके बाद पंकज दीवान, भीम महाजन, महेंद्र जुनेजा के अलावा वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल व वार्ड 2 के पार्षद प्रतिनिधि प्रवीन केडिया और यूनियन प्रधान व अन्य पदाधिकारी ईओ हरदीप सिंह के कमरे में उनसे मिलने गए। ईओ ने स्पष्ट कह दिया कि वह इन दोनों कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखेंगे, क्योंकि इनकी मनमर्जी से तंग आ चुके हैं। कर्मचारियों का यह व्यवहार दूसरे कर्मचारियों को भी खराब करता है। इस पर काफी देर तक यूनियन प्रधान और ईओ के बीच गहमागहमी चलती रही। जब ईओ नहीं माने तो यूनियन प्रधान ने चेतावनी दे दी कि अगर कर्मचारी नौकरी पर नहीं रखे गए तो निगम कार्यालय में कोई काम नहीं होने दिया जाएगा और कर्मचारी ताला जड़कर हड़ताल पर बैठेंगे।
नियमित कर्मचारियों ने संभाला काम
अनुबंधित कर्मचारियों द्वारा कामकाज ठप रखने के कारण एकबारगी तो लोगों को परेशानी हुई। मगर बाद में अधिकारियों ने सभी ब्रांचों में नियमित कर्मचारियों को व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी ब्रांचों में नियमित कर्मचारियों ने काम संभाला तो जनता की परेशानी कुछ कम हुई। हालांकि प्रॉपर्टी टैक्स सुबह एक घंटे ही जमा हो सका। इसके बाद आए लोग बिना टैक्स जमा करवाए ही चले गए।
रात 8.30 बजे तक रोकी गई महिला कर्मचारी
इस दौरान महिला कर्मचारियों से रात 8.30 बजे तक काम करवाने के भी आरोप लगाए गए। हाउस की बैठक के दिन भी एक महिला कर्मचारी रात 8.30 बजे कार्यालय से अपने घर जा पाई। महिला कर्मचारियों ने कहा कि शाम 5 बजे के बाद उन्हें काम करने के लिए बाध्य करना कहां जायज है।
कर्मचारियों की नौकरी लेना मेरा स्वभाव नहीं है। मगर अब तो हद हो गई थी। जहां भी ड्यूटी लगाएं, वहां काम नहीं करना। अनुबंधित कर्मचारी होकर भी मनमर्जी चला रहे हैं। इस तरह तो हम काम ही नहीं कर पाएंगे। मुझे भी अधिकारियों को जवाब देना होता है। फिर भी कर्मचारी या यूनियन चाहें तो बेशक मेरा ट्रांसफर करवा दें।
हरदीप सिंह, ईओ, नगर निगम
मैं कर्मचारियों के पास से ही गया था। मगर किसी ने भी मेरे सामने अपनी बात नहीं रखी। दो महीने से इन कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए फाइल चल रही हैं। एक कर्मचारी ने तो लिखित में काम लेने से मना कर रखा है। जब कर्मचारी अपने अधिकारियों की ही नहीं मानेंगे तो कैसे काम चलेगा। फिर भी समस्या का समाधान करेंगे।
डॉ. जेके आभीर, कमिश्नर, नगर निगम।