ठेकेदार का ठेका रद्द करने के बाद पहली बार नगर निगम प्रशासन ने लावारिस पशु पकड़ने का अभियान अपने स्तर पर शुरू किया। मेयर गौतम सरदाना ने वीरवार सुबह अभियान की शुरुआत करवाई तो विधायक डॉ. कमल गुप्ता के घर और निगम कार्यालय के पास ही पांच गायें मिल गईं। बाद में पकड़ी गई एक गाय के साथ विधायक और मेयर का फोटो करवाकर अभियान का शुभारंभ करवाया गया। सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक चलाए अभियान के दौरान 48 गायों को पकड़कर सिरसा रोड स्थित गो अभयारण्य में भिजवाया गया। इनमें अधिकतर गायें दुधारू हैं। अभियान शुक्रवार को भी चलाया जाएगा।
छह सदस्यीय कमेटी में शामिल दो पार्षद रहे गैरहाजिर
मेयर गौतम सरदाना ने दो दिन पहले ही निगम के इस लावारिस पशु पकड़ने के अभियान की मॉनीटरिंग के लिए छह पार्षदों की कमेटी बनाई थी। मगर इन छह में से चार पार्षद तो सुबह पहुंच गए, जबकि दो गैरहाजिर रहे। कमेटी में शामिल वार्ड नंबर दो की पार्षद कविता केडिया अपने पति प्रवीन केडिया के साथ पहुंचीं, जबकि वार्ड नंबर 5 के पार्षद प्रतिनिधि भीम महाजन, वार्ड नंबर 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल और वार्ड नंबर 14 के पार्षद अमित ग्रोवर मौके पर रहे, वहीं दो अन्य सदस्य पार्षद प्रीतम सैनी और मनोहर लाल गैरहाजिर रहे। वहीं वार्ड 4 के पार्षद अनिल सैनी कमेटी के सदस्य नहीं होने के बावजूद मौके पर रहे।
पुलिस की दो पीसीआर रहीं साथ, ट्रैफिक कंट्रोल किया
अभियान को पूरी तैयारी के साथ शुरू किया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी के नेतृत्व में 10 से 15 कर्मचारी जुटाए गए। उनके साथ पुलिस की दो पीसीआर में 8 से 10 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों को गायों को पकड़वाने के लिए ट्रैफिक भी कंट्रोल करना पड़ा।
गलियों में घुसकर कड़ी मशक्कत से गायों को पकड़ा
निगम कार्यालय के बाहर व प्रेम नगर में गायों को पकड़ने के बाद टीम ने सेक्टर-14 की तरफ रुख किया। यहां गलियों में घुसकर कड़ी मशक्कत से गायों को पकड़ा। गायों को पहले रस्सों से बांधकर पकड़ा गया। फिर ऑटोमेटिक लिफ्ट लगी गाड़ी में गो अभयारण्य में पहुंचाया गया। एकदम से 40 से अधिक गायों को पकड़ने के बाद सेक्टर-14 के निवासियों कुछ हद तक राहत महसूस की।
रस्से में उलझकर चोटिल हुए दो कर्मचारी
सेक्टर-14 में गाय पकड़ने में जुटे दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल होने से बाल-बाल बच गए। गाय को पकड़ने के लिए उनके गले में डाले गए रस्से में दो कर्मचारियों का पैर उलझ गया। जैसे ही गाय ने रस्से को खींचा तो कर्मचारी उलझकर सिर के बल गिरे। हाथ भी पीछे होने के कारण दोनों कर्मचारियों की हथेली में चोट लगी जबकि सिर में चोट लगने से बचाव हो गया।
8-10 बाइक सवार पशुपालक घूमते रहे आसपास
जिस समय निगम कर्मचारियों द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा था, उसी समय 8-10 बाइक सवार पशुपालक आसपास घूमते रहे। यही स्थिति ठेकेदार द्वारा पशु पकड़ने के दौरान होती थी। ठेकेदार को तो काफी बार धमकियां दी जा चुकी थीं। मगर निगम कर्मचारियों के साथ दो पीसीआर में पुलिसकर्मी होने के कारण किसी भी पशुपालक ने अभियान में बाधा डालने की हिम्मत नहीं जुटाई।
गो अभयारण्य में रात को दो कर्मचारियों की निगरानी में रहीं गायें
48 गायों को गो अभयारण्य में पहुंचाने के बाद रात के समय निगरानी के लिए वहां दो कर्मचारियों को तैनात किया गया। हालांकि देर शाम तक कोई भी पशुपालक गायों को छुड़ाने के लिए गो अभयारण्य या निगम कार्यालय नहीं पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार जो भी पशुपालक गाय छुड़ाने आएगा, उसको 51 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं भविष्य में गाय पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करवाने का शपथ पत्र भी लिया जाएगा।
शहर में चार हजार से अधिक गायें
निगम कर्मचारियों के अनुसार इस समय शहर में चार हजार से अधिक गायें लावारिस घूम रही हैं। इनमें से ज्यादातर गायें दुधारू हैं, जो पशुपालक द्वारा ही छोड़ी हुई हैं। सुबह-शाम गायों का दूध निकालने के बाद इन्हें शहर में खुला छोड़ दिया जाता है। जो सेक्टरों से लेकर कॉलोनियों की गलियों में घूमती रहती हैं। अभियान के दौरान अधीक्षक अभियंता रामजीलाल, डीएमसी डॉ. प्रदीप कुमार, ईओ हरदीप सिंह, नोडल अधिकारी राजेश कुमार के अलावा पार्षद व कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
वीरवार से निगम प्रशासन द्वारा खुद गायें पकड़ने का अभियान शुरू किया गया है। पहले दिन 48 गायों को गो अभयारण्य भिजवाया गया है। आगामी दिनों में भी यह अभियान निरंतर चलेगा।
- डॉ. प्रदीप कुमार, डीएमसी, नगर निगम