नगर निगम में आम लोगों की परेेशानी देखकर मेयर ने अधिकारियों की फोन पर ही क्लास ले ली। मेयर शकुंतला राजलीवाला ने सचिव व एक्सईएन को फोन कर पूछा कि आखिर आप लोग हो कहां। एक तो तीन दिन में कार्यालय खुला है और ऊपर से आप लोग दफ्तर में हो नहीं। इस सचिव ने कहा कि मैडम मैं तो छुट्टी पर हूं कोई जरूरी काम हो गया था। इसके बाद मेयर ने एक्सईएन रामजीलाल के पास कॉल की। मेयर ने एक्सईएन से पूछा आप कहां हो। एक्सईएन ने जवाब दिया कि मैडम मैं तो डीसी साहब की मीटिंग में हूं। मेयर ने कहा कि जब हम डीसी साहब के पास जाते हैं तो डीसी साहब कहते हैं कि दोपहर बाद ही मैं अधिकारियों को बुलाता हूं। अब असलियत कैसे पता लगे कि आप लोग डीसी साहब का नाम वैसे ही लेते हो या फिर असल में वहीं पर हो। अब चौकीदारी करने से तो मैं रही। इसके बाद मेयर ने मोबाइल टॉयलेट की प्रोग्रेस के बारे में पूछा। एक्सईएन ने कहा मैडम फाइल डीसी साहब के पास है बस वहां से होते ही हो जाएगा। इस पर मेयर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि जब डीसी साहब को ही काम करना है तो मेरी मीटिंग में एजेंडा पास क्यों करवाया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए जनप्रतिनिधि तैयार हैं मगर आप लोगों का काम ठीक नहीं। भड़कीं मेयर को फिर एक्सईएन ने कहा मैडम मैं मिलता हूं आपसे बैठकर बात करेंगे।
ईओ बैठते न सचिव, क्या करेगी जनता
मेयर ने कहा कि न तो ईओ कभी बैठते हैं और न ही सचिव। जिस सीट की बात करें कोई मिलता ही नहीं। यहां का वारिस कौन है जनता को नहीं पता। लोग चक्कर काटते रहते हैं। जनप्रतिनिधियों को पूरे महीने बुला लो हम आने के लिए तैयार हैं मगर कार्यालय में अधिकारी भी तो हों।