हुडा से डेपुटेशन पर गए कर्मचारियों को लेकर नगर निगम और हुडा में एक बार फिर से पेच फंस सकता है। नगर निगम हुडा से भेजे गए 97 कर्मचारियों को वापस भेजने के लिए लिस्ट बना चुका है, लेकिन हुडा अधिकारी केवल 51 कर्मचारियों को ही ज्वाइन करवाने के लिए तैयार हैं। इनकी लिस्ट फाइनल कर हुडा अधिकारियों ने मुख्यालय में भी भेज दी है। मामले की सूचना के बाद हुडा कर्मचारी यूनियन में एक बार रोष शुरू हो गया है।
निगम अधिकारी भी नहीं एकमत
नगर निगम अधिकारी भी हुडा कर्मचारियों को वापस भेजने के लिए एकमत नहीं हैं। टेक्निकल विंग के अधिकारी इलेक्ट्रिकल जेई आरडी शर्मा और अन्य दो से तीन कर्मचारियों को निगम में ही रखना चाहते हैं, लेकिन अधीक्षक ने उनको भी हुडा में वापस भेजने वाली सूची में डाल दिया। इतना ही नहीं ज्वाइंट कमिश्नर से भी यह सूची अप्रूव्ड करवा ली। हालांकि अभी यह ज्वाइंट कमिश्नर से कमिश्नर के पास जानी है।
यहां यह बता दें कि नगर निगमों और पालिकाओं में भेजे गए हुडा के कर्मचारियों को डेपुटेशन रद्द कर वापस हुडा में भेजने पर फैसला हुआ है। पंचकूला में आयोजित मीटिंग में उच्च अधिकारियों ने यह फैसला लिया था। चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा ने पहले ही इसके लिए ऑर्डर किए थे, जिसको बुधवार को दोबारा ऑर्डर किए गए कि तुरंत प्रभाव से ये आदेश लागू किए जाएं और सीवरेज, वाटर सप्लाई के अगेंस्ट लगे कर्मचारियों को हुडा वापस ज्वाइन करवाए।
वैसे तो जो आदेश हुए हैं, वो सीवरेज और वाटर सप्लाई के अगेंस्ट कर्मचारियों को वापस भेजने के हुए थे। नियम के हिसाब से उन्हें ही ज्वाइन करवाना चाहिए। मगर फिर भी अगर नगर निगम भेजना चाहती है और हमारे उच्च अधिकारी जैसे आदेश करेंगे, वे माने जाएंगे।
- वीके अरोड़ा एक्सईएन हुडा
मेरे पास जो फाइल आई थी वो 97 कर्मचारियों की थी। अभी उस पर कमिश्नर साहब के ऑर्डर होने बाकी है। क्योंकि अंतिम फैसला तो कमिश्नर साहब को ही करना है। अगर निगम भेजना चाहेगा तो हुडा क्यों नहीं ज्वाइन करवाएगा।
- सरजीत नैन, ज्वाइंट कमिश्नर एवं सीटीएम।