हांसी। सुल्तानपुर में मीटर रीडिंग लेने गई बिजली निगम की टीम को ग्रामीणों ने सोमवार को लौटा दिया। गांव के लोग करीब दो साल से बिजली के बिल नहीं भर रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली निगम के कर्मचारियों का गांव में प्रवेश रोक रखा है। निगम की टीम अपने साथ भारी पुलिस बल को लेकर गई थी, मगर लोगों ने टीम को रीडिंग नहीं लेने दी।
सुल्तानपुर का मामला बिजली निगम के गले की फांस बन गया है। निगम ने करीब दो साल पहले गांव में बिजली के मीटर घरों से बाहर लगाए थे। इसके बाद लोगों के भारी-भरकम बिल आने लगे। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली निगम से की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने इस पर पंचायत कर बिल नहीं भरने का फैसला किया। तब से गांव के लोग बिल नहीं भर रहे हैं।
बिजली निगम की टीम बिल बनाने के लिए सोमवार को गांव में रीडिंग लेने गई थी। टीम में एसडीओ और जेई शामिल थे। बिजली कर्मचारियों को गांव में आया देखकर लोग इकट्ठे हो गए और विरोध शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के चलते निगम की टीम को अपना काम रोकना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक गांव में रहने के बाद निगम की टीम लौट आई। बताया जा रहा है कि गांव पर सात करोड़ रुपये से अधिक के बिजली के बिल बकाया है।
रीडिंग लेने गए थे, लेकिन लोगों ने काम नहीं करने दिया। कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिख दिया है। - कुलदीप सिंह, एसडीओ
शुक्रवार को गांव में पंचायत रखी गई थीं, जिसमें बिजली निगम के अधिकारियों को भी आना था, मगर बिना बताए गांव में पुलिस बल के साथ पहुंंचे और ग्रामीणों को तंग करने लगे। हम समाधान चाहते हैं मगर अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं। जिस समय अधिकारी गांव में आएं थे उस समय मैं बाहर था। - पवन कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, सुल्तानपुर