हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के प्लॉट धारक पूर्णता प्रमाणपत्र (कंपलीशन सर्टिफिकेट) के लिए 20 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर दें अन्यथा बाद में उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा। एचएसवीपी के अधिकारियों की मानें तो तय तिथि के बाद आने वाले आवेदनों पर किसी तरह से विचार नहीं किया जाएगा।
बता दें कि एचएसवीपी के प्लॉटधारक को प्लॉट पर निर्माण करने के बाद विभाग से पूर्णता प्रमाण पत्र लेना होता है। अगर प्लॉटधारक ऐसा नहीं करता है तो प्राधिकरण एक तय समय के बाद प्लॉटधारक पर जुर्माना लगाना शुरू कर देता है। हर तीन साल के बाद जुर्माना राशि बढ़ती रहती है। इस स्थिति में प्लॉटधारक को प्राधिकरण से पूर्णता प्रमाणपत्र लेने के लिए उक्त जुर्माना राशि भरनी पड़ती है।
प्लॉटधारक को यह होता है नुकसान
अगर प्लॉटधारक तय समय पर पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लेता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ता है। इसके अलावा बिना पूर्णता प्रमाणपत्र के वह अपनी प्रॉपर्टी को बेच नहीं सकता है। साथ ही अगर प्लॉटधारक को प्रॉपर्टी की एवज में ऋण लेना है तो भी उसे पूर्णता प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ती है। उधर, जब तक प्लॉटधारक एचएसवीपी से पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लेता, तब तक उसके रिकॉर्ड में वह खाली प्लॉट की दिखाता है।
पूर्णता प्रमाणपत्र के लिए यह देनी होगी राशि
प्राधिकरण के अनुसार प्लॉटधारक को रिहायशी प्लॉट के लिए 25 हजार रुपये, वाणिज्यिक प्लॉट के लिए 50 हजार रुपये और ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट के लिए एक लाख रुपये राशि जमा करवानी होगी।
जिन प्लॉटधारकों ने निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन किसी वजह से पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लिया है। यह उनके लिए अच्छा अवसर है। उक्त प्लॉटधारक निर्माण पूर्ण होने की तिथि के सबूत दिखा व उक्त राशि जमा करवाकर पूर्णता प्रमाणपत्र ले सकता है। - प्रवीण सिंघल, उपप्रधान, हिसार प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन