हिसार। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा से फाइल निकलवाने के लिए काफी संख्या में दलाल सक्रिय हैं। ये दलाल आवेदन करते समय फाइल में प्रॉपर्टी मालिक के बजाय अपना मोबाइल नंबर दे रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टैक्स शाखा में लंबित पड़ी करीब 840 फाइलें सिर्फ 39 मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर्ड करवाई गई हैं। टैक्स शाखा के अधिकारी इस मामले को लेकर सोमवार को नगर निगम आयुक्त को अवगत करवाएंगे। वहीं, अधिकारियों ने प्रॉपर्टी टैक्स धारकों से अपील है कि वह निगम के रिकॉर्ड में अपना खुद का मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं अन्यथा उसकी प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
यूं पकड़ में आया मामला
प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में करीब 1500 फाइलें लंबित पड़ी हैं। निपटान के समय कई फाइलों में एक ही मोबाइल नंबर मिला। ऐसे में अधिकारियों को शक हुआ तो सभी 1500 फाइलों की जांच की गई। इस दौरान करीब 840 फाइलें ऐसी मिलीं, जिनमें 39 एक जैसे ही मोबाइल नंबर मिले। शाखा के अधिकारियों को शक है कि इनमें से ज्यादातर मोबाइल नंबर दलालों के हैं। जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर पर ही करीब 40 फाइलें मिली हैं। अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति के नाम शहर में 40 प्रॉपर्टी नहीं हो सकती।
खुद का मोबाइल नंबर न दर्ज करवाना पड़ सकता है महंगा
अधिकारियों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स धारक निगम के रिकॉर्ड में अपना मोबाइल नंबर जरूर दर्ज करवाएं, क्योंकि अगर कोई रिकॉर्ड में बदलाव होता है कि उक्त मोबाइल नंबर पर संदेश अवश्य आता है। निगम के कर्मचारी भी उक्त नंबर के माध्यम से ही प्रॉपर्टी के मालिक से संपर्क करते हैं, इसलिए अगर प्रॉपर्टी मालिक ने नंबर दर्ज नहीं करवाया है तो अपना नंबर दर्ज करवा दें। कई बार प्रॉपर्टी टैक्स धारक ऐसे आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी तरफ से निगम में कोई फाइल लगाई गई तो वह काम नहीं हुआ। मगर जब किसी दलाल के माध्यम से फाइल लगाई गई तो वहीं काम हो गया।
मेगा शिविर में 486 लोग पहुंचे पूछताछ करने, 192 ने जमा करवाए कागजात
उधर, निगम में प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर लगाए मेगा शिविर में ज्यादातर लोग पूछताछ करने ही पहुंचे। अधिकारियों की मानें तो तीन दिनों में 486 लोग पूछताछ करने आए, जिनमें से 192 ने अपने कागजात जमा करवाए। पहले दिन 62, दूसरे दिन 85 व तीसरे दिन 45 लोगों ने आवेदन के लिए अपने कागजात जमा करवाए।
लंबित फाइलों की जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। सोमवार को इसे लेकर निगमायुक्त को अवगत करवाया जाएगा। शहरवासियों से अपील है कि किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए रिकॉर्ड में अपना मोबाइल नंबर ही दर्ज करवाएं। - प्रशांत पराशर, सचिव, नगर निगम
शिविर में लोग पूछताछ के लिए ज्यादा पहुंचे। पूछताछ के बाद जब हमने उन्हें कागजात जमा करवाने को कहा तो कम ही लोगों ने अपने कागजात जमा करवाए। - विरेंद्र सहारण, डीएमसी, नगर निगम