हिसार। मेरा भाई बहुत मजबूत था, वह हार मानने वालों में से नहीं था लेकिन फाइनेंसर ने इतना प्रताड़ित किया कि बर्दाश्त नहीं कर सका। फाइनेंस पर लिए 20 लाख रुपयों का समय पर ब्याज चुका रहे थे। फाइनेंसर ने प्रॉपर्टी में निवेश के लिए एकाएक पूरी रकम देने का दबाव बनाना शुरू किया।
पैसों की व्यवस्था नहीं हो पाई तो घर आकर गाली-गलौज करते। एक सितंबर को फाइनेंसर को रकम देनी थी। दो और दिन की मोहलत मांगी। वीरवार सुबह से ही फाइनेंसर की ओर से फोन आने लगे। दोपहर करीब 12.30 बजे उसका एक आदमी आया। उसे घर के अंदर बुलाने जाने के दौरान प्रवीण ने अपने कमरे में लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली...। यह कहते हुए चरणजीत फफक-फफक कर रो पड़े।
जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे चरणजीत ने रोते-रोते बताया कि वह सुबह से ही भाई के साथ था। दुकान की ऊपरी मंजिल बनाने के लिए फाइनेंसर से 20 लाख रुपये का लोन लिया था। पूरी रकम 3 सितंबर तक देने का कहा था। फाइनेंसर बुधवार दोपहर बाद दुकान पर आया था। प्रवीण ने उससे कहा था कि वह वीरवार सुबह 10 -10.30 बजे तक पैसे दे देगा लेकिन गाली-गलौज मत करो। उससे यह बर्दाश्त नहीं होता। वीरवार सुबह फाइनेंसर का फोन आया। प्रवीण अभी उठा ही था। फाइनेंसर ने उससे पूछा कितनी देर में पैसे देगा। प्रवीण ने कहा कि आधे घंटे में देता हूं। एक घंटे बाद फिर फोन आया तो उसे घर आने के लिए कहा। वह घर नहीं आया, अपने एक आदमी को भेजा।
प्रॉपर्टी बेचकर भी लोन चुका सकते थे
चरणजीत ने कहा कि पैसा कोई बड़ी बात नहीं है। उनके पास प्रॉपर्टी भी है जिसे बेचकर वे पैसे दे सकते थे। फाइनेंसर बुधवार शाम 5 बजे तक उनकी दुकान पर ही बैठा था। चरणजीत ने बताया कि प्रवीण दो दिन से काफी परेशान था। रात को दोनों भाइयों में बात भी हुई थी कि सुबह फाइनेंसर की रकम देनी है।
माता-पिता के बाद भाई का साया भी सिर से उठा
प्रवीण के पिता सुभाष चंद्र चोपड़ा का वर्ष 2022 में निधन हो गया था। इससे पहले वर्ष 2021 में मां राजरानी की भी मृत्यु हो गई थी। प्रवीण की एक बहन कई साल पहले दुनिया को अलविदा कह चुकी है। तीन भाई-बहनों में अब केवल चरणजीत ही बचा है। प्रवीण के 16 और 12 साल के दो बेटे हैं। चरणजीत भी शादीशुदा है और उसके भी दो बच्चे हैं। चरणजीत ने रोते हुए बताया कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी उस पर है। करीब 95 साल की दादी को पता चल गया तो उनकी भी सदमे से मौत हो सकती है।
वर्ष 2022 में शुरू किया था शोरूम
प्रवीण और चरणजीत ने वर्ष 2022 में तीन इलेक्ट्रानिक्स का शोरूम शुरू किया था। इससे पहले पास ही किराये की बिल्डिंग में दुकान चलाते थे।
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फाइनेंसर से तंग आकर आत्महत्या व प्रयास की घटनाएं
21 मार्च 2026 :
सूर्यनगर के पास ऑटो चालक धन सिंह ने किसान एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। जीआरपी ने तीन फाइनेंसरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की।
2 अगस्त 2026:
- सेक्टर 9-11 निवासी श्रवण कुमार ने फाइनेंसर और पुलिस के भय से तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी।
11 नवंबर 2025:
- सुदामा नगर निवासी आरा संचालक राजीव कालिया ने फाइनेंसर से तंग आकर आत्महत्या की थी
13 मार्च 2024 :
- आजाद नगर निवासी ऑटो चालक संदीप ने फाइनेंसरों के दबाव के बाद जहर खाकर जान दे दी। पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया।
15 जनवरी 2022 :
- मूल रूप से कैथल निवासी राममेहर ने फाइनेंसर से तंग आकर जहर निगलकर जान देने की कोशिश की थी।
16 दिसंबर 2021:
- आंगनबाड़ी हेल्पर शीला देवी ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या की। फाइनेंस कंपनी के मैनेजर और दो अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
19 सितंबर 2021:
- तलवंडी राणा निवासी संदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। आत्महत्या से पहले फाइनेंसर को संदेश भेजकर अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया। पुलिस दो लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की।
14 जनवरी 2019 :
- सूर्यनगर क्षेत्र निवासी रोहताश ने फाइनेंसरों द्वारा कथित रूप से ब्याज के लिए परेशान किए जाने के बाद सल्फास खा लिया। 10 फाइनेंसरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया।