बरी होने के 25 मिनट बाद खत्म हो गई विनोद काणा की कहानी
अदालत परिसर में आम दिनों की तरह कोलाहल था। दोपहर करीब दो बजे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा हत्या के प्रयास मामले में अपने नौ साथियों के साथ पेशी पर आया। पिछले करीब पांच साल से इस मामले में सुनवाई चल रही थी और वीरवार को फैसला होना था। वर्ष 2021 से चल रहे इस मामले में 12 आरोपी थे। इनमें से दस अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सौरव खत्री की अदालत में व्यक्तिगत पेशी पर आए और दो की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई। अदालत ने करीब 2:15 बजे सभी 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया। इसके करीब 25 मिनट बाद कोर्ट परिसर में ही विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या कर दी गई।
हत्या के प्रयास मामले में विनोद पानू उर्फ काणा के अलावा कुलदीप उर्फ बुदिया, कुलदीप, सागर, बलजीत, संदीप, सुरेंद्र, प्रदीप, रोहित, नरेंद्र, सज्जन और मुकेश आरोपी थे। सज्जन और मुकेश की वीडियो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई जबकि अन्य अदालत परिसर में आते ही सीधे कोर्ट रूम में चले गए।
विनोद के साथ करीब 15 लोग और आए थे जो अदालत परिसर में ही इधर-उधर मौजूद रहे। करीब 2.40 बजे कोर्ट कक्ष से निकलकर अपनी गाड़ी की ओर जा रहे विनोद को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इसके बाद कोर्ट परिसर में दहशत फैल गई। कोर्ट परिसर में सरेआम गोलीबारी की घटना के विरोध में हिसार बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को वर्क सस्पेंड का फैसला लिया है। बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने अदालत परिसर में दिनदहाड़े हुई फायरिंग को सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता बताया है।
पिस्टल लिए भागते गिरा हमलावर एसआई ने पकड़ने में निभाई भूमिका
कोर्ट परिसर में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या के बाद मची अफरा-तफरी के बीच बचाव के लिए भाग रहा हमलावर राकेश फिसलकर गिर जाता है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसके गिरते ही लाल टीशर्ट पहना विनोद का एक गुर्गा उसे दबोच लेता है। इसी दौरान एक और व्यक्ति जिसके सफेद शर्ट पहनी होती है दौड़कर वहां आ । जाते हैं। दोनों हमलावर को अच्छे से दबोच लेते हैं। कुछ ही देर में तीन चार युवक और आ जाते हैं।
सफेद शर्ट पहने व्यक्ति हिसार सीआईए के 55 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार हैं जो कोर्ट परिसर में ही मौजूद थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर को पकड़ने में तत्परता दिखाई। विनोद पर पर फायरिंग के | बाद दोनों हमलावर एडवोकेट पार्किंग की ओर भागे। राकेश ने पकड़े जाने के दौरान दो गोलियां चलाईं। इसके बावजूद विजय कुमार पीछे नहीं हटे। बाद में वे ही उसे पकड़कर | पुलिस के साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
जानिये ये भी... क्या था हत्या के प्रयास का मामला
अदालत में चले अभियोग के अनुसारे मामला बधावड़ निवासी रामअवतार की शिकायत से शुरू हुआ था। उसने 6 नवंबर 2021 को बरवाला थाने में दी शिकायत में बताया था कि 15 नवंबर की शाम वह गांव गुराना की सीमा पर स्थित अपने खेत से ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन-चार युवक उसके पास आए और पेट्रोल पंप का रास्ता पूछने लगे। इसी बीच एक युवक ने उससे बधावड़ निवासी बलजीत शर्मा के साथ हुए विवाद के बारे में पूछा।
आरोप था कि युवक ने उसे धमकी दी और इसके बाद कट्टे से रामवतार के सिर की तरफ गोली चला दी। रामअवतार ने झुककर अपनी जान बचाई। गोली उसके सिर के बाएं हिस्से को छूकर निकल गई। रामअवतार ने पुलिस को बताया कि उसका बलजीत शर्मा के साथ प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था और कई बार पंचायत भी हो चुकी थी। इस मामले में बरवाला थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।