गांव डोभी में हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मकान को ताला लगाता पुलिसकर्मी।
- फोटो : Hisar
डोभी गांव में हरियाणा पुलिस में कार्यरत एएसआई ने चरित्र पर शक के चलते शिक्षिका पत्नी और तीन साल के बेटे को कुल्हाड़ी से काट डाला। वारदात का उस समय पता चला, जब मृतक महिला का भाई उसके ससुराल पहुंचा। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस मेें वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को भी कब्जे में ले ली। पुलिस ने मृतक महिला के भाई की शिकायत पर एएसआई सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वीरवार को पुलिस में कार्यरत साहब राम की 28 वर्षीय पत्नी सुनीता और तीन वर्षीय बेटे निखिल का शव घर के कमरे में मिला। दोनों शवों के बीच में एक कुल्हाड़ी पड़ी मिली, जिसे इस वारदात में इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में अजय ने बताया कि ससुराल वाले मेरी बहन के चरित्र पर शक करते थे और उसे तंग रखते थे। बहन की कल कॉल आई थी और कहा कि ये मुझे मारने की साजिश रच रहे हैं। हमने पारिवारिक मामला समझकर अनसुना कर दिया। उसके बाद शाम को साहबराम की कॉल आई कि आपकी बहन घर पर नहीं है। वीरवार सुबह घर जाकर देखा तो बंद कमरे के अंदर मेरी बहन सुनीता और भांजा निखिल मृत अवस्था में मिले। बालसमंद चौकी इंचार्ज अजय ने बताया कि सुनीता और उसके बेटे निखिल को कुल्हाड़ी से मारने के षड्यंत्र में शामिल मृतका के पति साहबराम, उसके जेठ सतबीर, ननद विनोद कुमारी और सिरसा निवासी ननदोई सोनू के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दिया है। अभी फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
छह साल पहले हुई थी शादी, निजी स्कूल में पढ़ाती थी सुनीता
पनिहार चक्क निवासी सुनीता की शादी वर्ष 2013 में साहबराम के साथ हुई थी। सुनीता फिलहाल एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी। सुनीता के पिता जयवीर सिंह हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं मृतका का पति भी हरियाणा पुलिस में फतेहाबाद में अपनी सेवाएं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार साहबराम सुबह करीब नौ बजे घर से ड्यूटी के लिए निकला था।
ईंट मारकर खोला ताला तो हुआ खुलासा
मृतक सुनीता के भाई अजय कुमार ने बताया कि बुधवार शाम को उसके पिता के पास सुनीता के पति साहबराम की कॉल आई और कहा कि आपकी बेटी घर नहीं है। क्या आपके पास आई है। मैं डोभी गांव में आया और ऊपर-नीचे सभी जगह देखा, लेकिन बहन मिली नहीं। एक कमरे में ताला लगा हुआ था। उसकी मैंने चाबी मांगी तो नहीं दी। फिर मैंने ईंट से कमरे का ताला खोला तो कमरे में बहन सुनीता और भांजा निखिल मृत अवस्था में मिले।