आदमपुर खंड के गांव मोहब्बतपुर में बुधवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में किसान की मौत हो गई। मृतक बलवंत के पुत्र रमेश कुमार ने अपने दो सगे चाचा और उनके बेटों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि मृतक का भाइयों के साथ लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। सूचना मिलने पर आदमपुर थाना प्रभारी राजकुमार अन्य कर्मचारियों सहित मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल भिजवाया।
पुलिस को दिए बयान में मृतक के बेटे रमेश ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। बुधवार सुबह 10 बजे उसके पिता अपने गनमैन राजकुमार के साथ आदमपुर थाने में गए और मुंशी से गनमैन के अस्वस्थ रहने के चलते उसे बदलने की मांग की। मुंशी ने उनके साथ संदीप नामक नया गनमैन भेज दिया। रमेश ने आरोप लगाया कि रात में उसके पिता के पास गनमैन नहीं रहता था। गनमैन जाने के बाद रात करीब 7-8 बजे उसके ताऊ का लड़का नरेश, उसके पिता बलवंत व अन्य सदस्य घर पर मौजूद थे। उसी समय उसके चाचा के बेटे राजेश व संदीप उर्फ डोलू उनके घर आए। राजेश शराब के नशे में था और उन दोनों ने उसके पिता बलवंत के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। राजेश ने एक मुक्का उसके पिता बलवंत के सीने में मारा, जिससे उसके पिता वहीं गिर गए। नरेश व उसने उन दोनों को घर से बाहर निकाला और देखा तो गली में तो उसके चाचा हनुमान फौजी व वेदप्रकाश, उसके दोनों बेटे शिवचरण व शिवमोहन लाठी-डंडों के साथ खड़े थे। उन्होंने शोर मचाया तो वे सभी उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए। उसने तुरंत अपने पिता को गांव बगला के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आरोपियों पर पहले भी तीन मामले दर्ज
रमेश ने बताया कि उसके चाचा हनुमान फौजी व वेदप्रकाश, चचेरे भाई शिवचरण व शिवमोहन ने राजेश व संदीप को आगे कर उसके पिता की हत्या करने का षड्यंत्र रचा था। हनुमान फौजी, वेदप्रकाश, शिवचरण व शिवमोहन ने पहले भी दो जून को उसके पिता का अपहरण कर उसे मारने की कोशिश की थी। दो जून को उन्होंने उनकी खड़ी फसल में ट्रैक्टर चलाकर फसल को नष्ट कर दिया था और 22 जून को भी हनुमान व शिवमोहन ने उसके पिता के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। ये तीनों मामले आदमपुर थाने में दर्ज हैं।
प्रशासन को बलवंत ने दे रखी थी चार हजार शिकायतें
रमेश ने बताया कि उसके पिता को आरोपियों द्वारा इतना प्रताड़ित किया जा रहा था कि वह हर समय डर के साये में रहते थे। अपने परिवार की सुरक्षा के लिए उन्होंने करीब चार हजार शिकायतें लिखित रूप में थाना प्रभारी से लेकर एसपी, आईजी व डीजीपी और मुख्यमंत्री तक की हुई थीं। दावा है कि 3-4 बार मुख्यमंत्री के सामने पेश होकर भी शिकायत की हुई थी।
यह था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार मृतक बलवंत का अपने सगे भाई हनुमान फौजी, सरजीत व वेदप्रकाश के साथ पिछले काफी सालों से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी साल 31 मई को तहसीलदार के सामने थाना प्रभारी की मौजूदगी में भाइयों का विवाद समाप्त हो गया था। बलवंत ने सात कनाल व चार मरले जमीन की अपने भाई सरजीत व वेदप्रकाश के नाम रजिस्ट्री करवा दी थी। इसी बीच रविवार दो जून को बलवंत अपने बेटे रमेश को लेकर खेत में जुताई करने गया था। जब वह जुताई कर रहे थे तो उसी दौरान हनुमान, वेदप्रकाश, शिवचरण व शिवमोहन मौके पर आ गए और कहने लगे कि 10 कनाल जमीन और दे, तब फैसला मानेंगे। उसने जमीन देने से मना किया तो उन्होंने उनके साथ मारपीट कर विवाद को दोबारा सुलगा दिया था।
बलवंत द्वारा शिकायत के बाद उसकी सुरक्षा में गनमैन लगा दिया था, जो रात में भी उसके साथ रहता था। बुधवार को उसका गनमैन बीमार हो गया तो नया गनमैन संदीप उसके साथ भेजा गया। रात को बलवंत ने घर पर बहन-बहनोई आने के कारण रहने के लिए जगह न होने के चलते संदीप को सुबह आने की बात कहकर घर भेज दिया था। मृतक द्वारा जो भी केस दर्ज करवाए गए थे, उनमें आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर चुके हैं, जो जमानत पर चल रहे हैं। पुलिस ने बलवंत की मौत के मामले में उसके बेटे रमेश के बयान पर उसके भाई हनुमान फौजी और वेदप्रकाश के अलावा शिवचरण, शिवमोहन, राजेश व संदीप को नामजद करते हुए उनके खिलाफ धारा 302, 120बी व 34 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल बलवंत के घर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है। जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
-राजकुमार, प्रभारी, आदमपुर थाना