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निगम कर्मचारियों ने भी दी धरने की चेेतावनी, डीसी को लिखा ऐसे बदतमीजी सहन नहीं, करवा देंगे एफआईआर

Wed, 24 Aug 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हिसार
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पार्षदों की बात पर नाराज हुए अधिकारी मीटिंग छोड़कर जाते हुए - फोटो : bureau
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समीक्षा बैठक में हुए घमासान के बाद पूरे दिन नगर निगम में कोई भी जनता का काम नहीं हुआ। पूरा दिन बैठकों का दौर चलता रहा। कर्मचारियों ने टेक्निकल विंग के साथ चार बजे बैठक बुलाई। पूरा नगर निगम स्टाफ एमई संदीप के पक्ष में आ गया। सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े निगम के पदाधिकारियों ने उनका समर्थन करते हुए डीसी को पत्र लिखा है। उन्होंने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि या तो पार्षद उनसे माफी मांग लें वरना निगम अधिकारी व कर्मचारी धरने पर बैठ जाएंगे। इतना ही नहीं यह भी लिखा गया कि वे ऐसे बदतमीजी व अपमान सहन नहीं करेंगे। अगर भविष्य में ऐसा हुआ तो वे एफआईआर दर्ज करवा देंगे।
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मेयर ऑफिस पहुंचे ईओ
शाम को मेयर व पार्षदों का धरना खत्म होने के बाद ईओ अतर सिंह खनगवाल मेयर ऑफिस में पहुंचे। उन्होंने मेयर से कहा कि पारिवारिक मामला है। निगम परिवार की तरह है आप धरना खत्म कर लो। इस पर पार्षदों ने उन्हें खूब खरी खरी सुनाई। पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि आरएवाई की फाइल जेई, एमई व सीपीओ ने 23 दिन पहले हस्ताक्षर कर अपनी टेबल से निकाल दी थी। उस दिन के बाद उस पर एक पेन तक नहीं चल पाया है। आप बताओ अधिकारी क्या काम कर रहे हैं। उन्होंने सीधे आरोप लगाए कि हम रिश्वत नहीं देते तो हमारा काम अटका दिया जाता है। मेयर व पार्षदों ने समझौता करने से साफ इनकार कर दिया।

धरना स्थल से नहीं निकलने दी गाड़ी
पार्षदों ने निगम परिसर में व्हीकल स्टैंड के पास बीच रास्ते में धरना लगा दिया। जब जेसी समीक्षा मीटिंग से निकलने के बाद अधिकारियों के साथ मीटिंग कर अपने लघु सचिवालय स्थित कार्यालय जाने के लिए निकले तो पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उनकी बत्ती लगी गाड़ी को उन्होंने निकलने नहीं दिया। जेसी सरजीत नैन ने नीचे उतरकर धरना स्थल पार कर लिया और निगम की आगे खड़ी एक गाड़ी में जाकर बैठ गए। वह गाड़ी उन्हें कार्यालय छोड़कर आई।
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पार्षद-अधिकारी करते रहे इंतजार
धरने पर बैठे पार्षद 5 बजकर 20 मिनट तक इंतजार करते रहे कि कब अधिकारी कार्यालय से बाहर निकलेंगे और हम नारेबाजी करें। उधर अधिकारी इस इंतजार में रहे कि कब पार्षद उठें और वे घर जाएं। क्योंकि उनकी गाड़ी अंदर थी उन्हें वे निकलने नहीं दे रहे थे। आखिर में टेक्निकल विंग के अधिकारी कार्यालय से जाने लगे तो पार्षदों ने खूब नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट कर्मचारियों के तबादले हो।

उठा लो 30-30 लाइटें
मीटिंग छोड़कर हॉल से नीचे उतरे पार्षदों ने उतरते ही नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षद मास्टर प्रहलाद ने लाइट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 30 लाइट प्रति पार्षद को दिए जाने की हाउस की मीटिंग में सहमति हुई थी। निगम ने उन्हें लाइट नहीं दी। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद 30-30 लाइटें और क्लैंप उठा लो। वे लाइट ब्रांच में चले गए और 30 लाइट और क्लैंप अलग कर रखकर आ गए।

एमई संदीप बोले
एमई संदीप ने कहा है कि पार्षदों ने गलत व्यवहार किया है। झूठे आरोप लगाए। अगर मैंने पैसे लिए तो सबूत लाए जो सजा देंगे मैं भुगतने को तैयार हूं। उनकी अगर इज्जत है तो हमारी भी इज्जत है। हम बेइज्जती सहन नहीं करेंगे।

अधिकारियों के साथ गलत व्यवहार करने वाले पार्षद माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं होगा तो हम भी धरने पर बैठ जाएंगे। करनाल में भी एक पार्षद ने जेई को घर बुलाकर पीट दिया। कर्मचारियों पर अत्याचार कतई सहन नहीं होगा।
- अशोक बोहत, प्रधान नगर निगम सर्व कर्मचारी संघ

अधिकारियों ने बैठक का बहिष्कार कर चेयर का अपमान किया है। ज्वाइंट कमिश्नर भी बैठक में मौजूद थे। उनके होते हुए भी टेक्निकल ब्रांच के अधिकारी बैठक छोड़कर चले गए। समीक्षा बैठक थी पार्षद जवाब तो मांगेंगे ही। उन्हें जवाब देना चाहिए था। हमें काम चाहिए अगर अधिकारी कर्मचारी काम करेंगे तो कौन उनके साथ बहस करेगा। निगम अधिकारियों के पास समीक्षा बैठक के लिए कोई जवाब नहीं था। इसलिए वे पहले ही वहां से हल्ला कर निकल गए।
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- शकुंतला राजलीवाला, मेयर नगर निगम
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