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तहबाजारी फीस वसूल कर नगर निगम ने अतिक्रमण करने की दी छूट

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. राजगुरु मार्केट में दिवाली से पहले पहले खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम प्रशासन ने राजगुरु मार्केट में अतिक्रमण करने वालों को तहबाजारी फीस वसूल मनमानी करने की छूट दे दी है। निगम की तरफ हरी झंडी मिलते ही व्यापारियों ने बरामदों के अलावा सड़कों पर स्टॉल सजा ली हैं। वहीं फड़ विक्रेताओं ने मार्केट की पार्किंग पर कब्जा कर लिया है। निगम प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मार्केट में दुपहिया वाहन खड़े करने के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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दिवाली से तीन-चार दिन पहले मार्केट में प्रतिदिन 40 से 50 हजार ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। मार्केट में अव्यवस्था न फैले, इसके लिए व्यापारियों व फड़ विक्रेताओं को अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जाती। इसके अलावा मार्केट में चार पहिया वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाती है, मगर इस बार निगम प्रशासन ने व्यापारियों व फड़ विक्रेताओं को अतिक्रमण करने की अनुमति दे दी है।
औपचारिकता के लिए जब्त कीं 6-7 मेजें
निगम औपचारिकता निभाने के लिए थोड़ी सख्ती कर रहा है, जिसका अतिक्रमण करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। शुक्रवार को भी निगम कर्मचारियों ने सड़क पर मेज लगाकर सामान बेच रहे व्यापारियों की 6-7 मेज जब्त कीं।
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निगम के खाते में आए 1.35 लाख रुपये, 3 लाख का आंकड़ा पार होने की उम्मीद
इस बार निगम ने तहबाजारी फीस एकत्रित करने के लिए 5 टीमों का गठन किया था, मगर हड़ताल के कारण सभी कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में गिने-चुने कर्मचारी ही तहबाजारी फीस एकत्रित करने के काम में लगे हैं। दो दिनों में निगम ने तहबाजारी फीस के रूप में करीब 1.35 लाख रुपये एकत्रित किए हैं। टीम की मानें तो इस बार निगम को तहबाजारी फीस के रूप में 3 लाख रुपये से ज्यादा की आय होगी।
धनतेरस आज, मार्केट में आएंगे 50 हजार से ज्यादा ग्राहक
शनिवार को धनतेरस का त्योहार है। व्यापारियों की मानें तो इस त्योहार को देखते हुए राजगुरु मार्केट में खरीदारी के लिए कम से कम 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मगर मार्केट के हालात देखते हुए व्यवस्था और बिगड़ने की संभावना है।
निगम प्रशासन अतिक्रमण करने वालों से भी तहबाजारी फीस वसूल रहा है। फीस के बदले दी जा रही पर्ची की वैधता 24 अक्तूबर अंकित है। इससे साफ है कि निगम ने अतिक्रमण करने वालों को छूट दे दी है। - सुरेंद्र बजाज, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
नगर निगम ने दुकानदारों के साथ धोखा किया है। प्रशासन मार्केट में व्यवस्था बनाने में फेल साबित हुआ है। निगम खुद सड़कों पर स्टॉल लगवाकर अतिक्रमण करवा रहा है, जिससे ग्राहकों को परेशानी आ रही है। - अजय सैनी, प्रधान, राजगुरु मार्केट ऑग्रेनाइजेशन
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